देहरादून। माया देवी यूनिवर्सिटी में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) द्वारा आपदा प्रबंधन एवं आपदा से बचाव संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के दौरान सतर्कता, बचाव और राहत कार्यों की जानकारी प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, अग्निकांड और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव तकनीकों तथा आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया। एनडीआरएफ इंस्पेक्टर आशीष ने कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आपदा प्रबंधन की मूलभूत जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय और प्राथमिक बचाव तकनीकों की जानकारी कई लोगों की जान बचा सकती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना को बढ़ावा देती है।
कार्यक्रम के दौरान मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुरक्षित निकासी एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल, रजिस्ट्रार अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आर.बी. सिंह सहित विश्व
