बैकुंठ चतुर्दशी पर शनिवार होने से यंत्रों की सिद्धि के लिए अद्भुत संयोग

 

 

देहरादून

इस बार बैकुंठ चतुर्दशी 25 नवंबर को आ रही है,उस दिन शनिवार भी होने से यंत्रों की सिद्धि के लिए अद्भुत संयोग बन रहा है

 

मुख्यमंत्री द्वारा” उत्तराखंड ज्योतिष रत्न ” एवं “ज्योतिष वैज्ञानिक” की उपाधि से सम्मानित आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल” दैवज्ञ “बताते हैं, कि 25 नवंबर को सुबह से त्रयोदशी तिथि रहेगी और शाम को 5:25 से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी इस प्रकार दो महत्वपूर्ण तिथियों का संयोग और साथ में शनिवार होने से मन्त्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करने के लिए बहुत सुंदर समय है।

 

आचार्य दैवज्ञ बताते हैं, कि जिन लड़के और लड़कियों का विवाह नहीं हो पा रहा है, अथवा रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है, तथा जिन दंपति को संतान की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, जिन व्यापारियों का व्यापार ठीक नहीं चल रहा है और सर्विस वालों का प्रमोशन आदि रुका हुआ है, अथवा कोई विवाद चल रहा है, इसके अतिरिक्त जीवन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो उन लोगों के लिए वह मन्त्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करके” सिद्ध यंत्र” तैयार करेंगे जिससे लोगों को सभी प्रकार की सफलता प्राप्त होगी, उन्होंने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में मारकेश चल रहा है अथवा रोगों से परेशान हो रहे हैं उनके लिए भी उस दिन यंत्र सिद्ध किए जाएंगे, इसके लिए लोगों को समय पर संपर्क करना चाहिए/

 

स्मरणीय है, कि डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल मन्त्रों एवं यंत्रों के विशेषज्ञ के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, उनके द्वारा सिद्ध किए हुए यंत्रों की बदौलत कई लोग फर्श से अर्श पर पहुंच चुके हैं,इसलिए उनके दरबार में हस्तरेखा एवं कुंडली दिखाकर उपचार कराने वाले लोगों की लंबी लाइन रहती है ।

आचार्य का संक्षिप्त परिचय

नाम आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल” दैवज्ञ ”

राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक निदेशक शिक्षा – संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड सरकार/

निवास स्थान 56 / 1 धरमपुर देहरादून फ़ोन no 9411153 845 एवं 701788 6131

उपलब्धियां

वर्ष 2013 में सबसे पहले केदारनाथ आपदा की भविष्यवाणी की थी इसलिए 2018 तक लगातार मिला” एक्सीलेंस अवॉर्ड”

वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला राज्य का” प्रथम गवर्नर अवार्ड”

लगातार सटीक भविष्यवाणी या करने पर वर्ष 2016 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिया “उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान ”

मंत्रो की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करने का विज्ञान विकसित करने के लिए वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया “ज्योतिष वैज्ञानिक” सम्मान /

वर्ष 2018 एवं 2019 में राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में उत्तराखंड सरकार ने लगातार दिया” ज्योतिष विभूषण सम्मान”

नवंबर 2022 में लगातार सटीक भविष्यवाणी करने पर ग्राफिक एरा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा से दिया “उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान ”

इसके अतिरिक्त भी पूरे देश एवं विदेशों में 700 से अधिक श्रीमद् भागवत कथाओं का प्रवचन करते हुए अनेक “राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान उपाधियों” से हुए हैं सम्मानित/

सहायक निदेशक के रूप में फरवरी 2023 में मिला “ऑफिसर ऑफ द ईयर अवार्ड” सम्मान

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