देहरादून। राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से दून पुलिस ने रविवार को जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर नगर से लेकर देहात तक पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मोर्चा संभालते हुए मलिन बस्तियों, पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल, पीजी और होम स्टे में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई।
पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई में 1500 से अधिक किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और छात्रों का सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे, आपराधिक मामलों में प्रकाश में आए अथवा जमानत पर चल रहे 28 अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन भी किया गया।अभियान के दौरान किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन नहीं कराने तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने 147 भवन स्वामियों के विरुद्ध उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई की। इन सभी पर कुल 14 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों की अनदेखी करने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अभियान के जरिए पुलिस ने मकान मालिकों को किरायेदारों और घरेलू सहायकों का समय से सत्यापन कराने की जिम्मेदारी के प्रति भी सचेत किया। सत्यापन अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध रूप से घूम रहे 23 व्यक्तियों को पुलिस आवश्यक पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। पुलिस द्वारा इन व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ ही उनकी पहचान और सत्यापन से संबंधित कार्रवाई की गई।
*शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक चला अभियान*
एसएसपी देहरादून ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बाहरी व्यक्तियों की तलाश करने तथा क्षेत्र में रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए थे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया था। इन्हीं निर्देशों के क्रम में रविवार को जिले के शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। मलिन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों और छात्रावासों तक सत्यापन की कार्रवाई कर पुलिस ने आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच की।