देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में मेडिकल एथिक्स, कानून और प्रोफेशनल कंडक्ट पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों के महत्व, विभिन्न कानूनी प्रावधानों और डॉक्टरों की पेशेवर जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी साझा की।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि डॉक्टरों का प्रत्येक निर्णय मरीज के जीवन, स्वास्थ्य और उपचार के परिणामों को प्रभावित करता है। ऐसे में चिकित्सा सेवाओं के दौरान नैतिक मूल्यों का पालन करने के साथ-साथ संबंधित कानूनों और नियमों की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। कार्यशाला में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अनुज गुप्ता सहित विभाग के अन्य चिकित्सकों ने मेडिकल एथिक्स और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पीसीपीएनडीटी एक्ट और मेंटल हेल्थ एक्ट सहित महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में बताया। इस दौरान मेडिकोलीगल रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक आचरण तथा कानूनी जिम्मेदारियों के महत्व पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने चिकित्सा सेवाओं में नैतिक मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इस कार्यशाला का संयुक्त आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के बिजनेस मैनेजमेंट विभाग और ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने किया।