उत्तरांचल विश्वविद्यालय: अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मेले में विदेशी विश्वविद्यालयों से रूबरू हुए विद्यार्थी

देहरादून। विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने की योजना बना रहे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से सीधे जुड़ने का अवसर देने के उद्देश्य से उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मेला 2026 आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और नई दिल्ली की संस्था स्टडीइन के सहयोग से मेले का आयोजन किया। इसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से संवाद कर पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता मानदंडों और छात्रवृत्ति के अवसरों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि और प्रति-कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय का परिचयात्मक प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक शैक्षणिक सहयोग और विद्यार्थियों के लिए विदेश में अध्ययन की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

नौ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने की भागीदारी

मेले में स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, यूनिवर्सिटी ऑफ डंडी, क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, पोलिमी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थम्पटन, यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग, यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन और यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को इन संस्थानों के पाठ्यक्रमों, आवेदन प्रक्रिया और प्रवेश संबंधी आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष जानकारी मिली।

इंजीनियरिंग से लेकर कृषि तक के छात्रों को मिला मार्गदर्शन

मेले में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, कंप्यूटिंग साइंस, विधि, फार्मेसी, जीवन विज्ञान, मानविकी, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी प्रबंधन, स्वास्थ्य विज्ञान, नर्सिंग और कृषि सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए विशेष परामर्श सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक रुचि और करियर लक्ष्य के अनुरूप पाठ्यक्रम चुनने तथा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के विकल्पों को समझने में मदद मिली। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों से सीधे संवाद को उपयोगी बताया। छात्रवृत्ति, प्रवेश की शर्तों और विदेश में करियर बनाने की संभावनाओं से जुड़े सवालों के जवाब भी मिले।

वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम का समन्वय आईक्यूएसी के निदेशक इंजी. राजेश देवराड़ी और सहायक प्रबंधक इंजी. सुधीर जुगरान ने किया। स्टडीइन, नई दिल्ली की ओर से प्रबंधक-रणनीतिक गठबंधन जतिन एन. खुराना ने भागीदारी की। विश्वविद्यालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा के अवसरों से जोड़ना, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ संवाद बढ़ाना और भविष्य में शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *