देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी व्यवस्थाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का फोकस मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, सीमाओं पर निगरानी और मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर है।
जिलाधिकारी के अनुसार, जिले की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्र में हैं। सभी बूथों पर बिजली, पेयजल, रैंप और शेड जैसी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
65 बूथों पर बर्फबारी की चुनौती
मसूरी के सात और चकराता के 12 पोलिंग स्टेशन नेटवर्क शैडो एरिया में हैं। प्रशासन ने इन केंद्रों पर कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं, फरवरी में 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की आशंका को देखते हुए पहले से आकस्मिकता योजना तैयार की जाएगी, ताकि मतदान संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
सीमाओं, नकदी और शराब तस्करी पर नजर
जिले की अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने और फ्लाइंग स्क्वॉड व वीडियो सर्विलांस टीमों के गठन एवं प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। चुनाव के दौरान धनबल के इस्तेमाल और शराब तस्करी पर प्रभावी निगरानी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
12 लाख मतदाता, बुजुर्गों-दिव्यांगों पर विशेष ध्यान
विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जिले में 11,94,797 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। जिले में 10,201 दिव्यांगजन और 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता भी हैं। प्रशासन ने इनके लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों पर जागरूकता अभियान चलाने, युवाओं का मतदाता पंजीकरण कराने और बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में मतदान जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस तैयार करने और प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।