देहरादून । स्वर्गीय हेमती नंदन बहुगुणा की राजनीतिक विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है ,जितनी तत्कालीन समय में थी, आवश्यकता है कि उसको भावी पीढ़ी में शुद्ध संस्कार देकर हस्तांतरित करने की।
उपरोक्त विचार उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल”दैवज्ञ” ने व्यक्त किए वह आज स्वर्गीय बहुगुणा की 105 वीं जयंती पर अपने कार्यालय में आयोजित *कुशल प्रशासनम* कार्यक्रम में में बोल रहे थे। डॉ दैवज्ञ ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा ने हमेशा आदर्श राजनीति की हिमायत की, और आदर्श राजनीति से ही कुशल प्रशासन की स्थापना हो सकती है। कभी भी उन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए राजनीतिक मूल्यों का बलिदान नहीं किया।
डॉ घिल्डियाल ने कहा कि उन्होंने बहुत बाल्य अवस्था में स्वर्गीय बहुगुणा जी का व्यक्तित्व देखा था, जब वह खिरसू विकासखंड के पोखरी गांव में आए थे, तो अपनी माता के साथ उन्हें भी वहां कार्यक्रम में जाने का अवसर मिला बहुगुणा जी ने देखते ही उनको गोद में उठा लिया था , उनके करिश्माई अद्भुत व्यक्तित्व की अमित छाप अभी भी उनके मानो मस्तिष्क पर है, उन्होंने कहा कि आज के युवा वर्ग को स्वर्गीय बहुगुणा के व्यक्तित्व के बारे में अध्ययन करके उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सुधार वाले विचारों को आत्मसात करना चाहिए उससे भारतीय राजनीति में भविष्य में अवसर वादिता की प्रवृत्ति खत्म होगी और राष्ट्रहित में राजनीतिक सुचिता का का विकास होगा साथ ही सिविल सर्विसेज में सफल हो रही नई पीढ़ी में कुशल प्रशासन की समझ विकसित होगी और यही स्वर्गीय बहुगुणा जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।