खतलिंग महादेव दर्शन अभियान दल ने नगेला देवता की अगवाई में महर गांव घुत्तू भिलंग से खतलिंग के लिए प्रस्थान किया।

टिहरी गढ़वाल/घुत्तू भिलंग

खतलिंग महादेव दर्शन अभियान दल ने दिनाॅंक 03 मई 2024 को श्री नागराज नागेंद्र नगेला देवता की अगवाई में महर गांव घुत्तू भिलंग से खतलिंग के लिए प्रस्थान किया। पहले दिन यात्री दल ने श्री नागेंद्र देवता की मध्यस्थता में गंगी पहुंचकर भगवान सोमेश्वर के दर्शन किए तदोपरांत भक्तजनों ने आगे के लिए प्रस्थान किया, बिरोद नामक स्थान पर पहुंचकर मां रुद्रा देवी के दर्शन किए और रात्रि विश्राम वहीं पर किया। अगले दिन 04 मई 2024 को खरसोली में मां लक्ष्मी देवी के दर्शन करके आगे की ओर बढ़े और तामाकुंड नामक स्थान पर पहुंचे। वहां पर आछरीगढ़ की वन देवियों आछरी- मात्रियों के दर्शन किए और वहीं पर रात्रि विश्राम किया। 05 मई 2024 को वन देवियों से आशीर्वाद लेकर यात्री दल खतलिंग की ओर बढ़ा और भिलंगना नदी के तट पर स्नान करके नदी को पार किया और चौकी नामक स्थान पर पहुंचे। वहां पहुंच कर श्रद्धालु जनों ने दूध गंगा नदी में स्नान करके पूजा- अर्चना की और रात्रि विश्राम वहीं पर किया। 06 मई 2024 को खतलिंग महादेव दर्शन अभियान दल के यात्री भगवान नागेन्द्र देवता की अगवाई में उस जगह पर पहुंचे जहां पर श्री आशुतोष भगवान खतलिंग महादेव की दिव्य शिला/ ज्योर्तिलिंग और आस-पास में छोटे-छोटे दिव्य सरोवर हैं। इस ज्योतिर्लिंग के ऊपर एक छोटा सा सरोवर है जिसका जल इस लिंग के नीचे से होकर गुजरता है। इस तरह भगवान नागराज नागेंद्र नगेला देवता ने चमत्कारी लिंग के दर्शन करा कर भक्तजनों से पूजा – अर्चना कराई और सभी भक्तजनों को पतित पावनी मां भिलंगना नदी के उदगम स्थल पर जाने की आज्ञा दी। सभी भक्तजनों ने पहले दूध गंगा को पार किया और उसके बाद आगे की ओर बढ़ते हुए मां सुरसुरी नदी की धारा को पार किया फिर जाकर के भिलंगना के उद्गम स्थल पर पहुंचे। उद्गम स्थल के दर्शन करके वहां पर गंगोत्री की ओर से आने वाली धारा का भी दर्शन किया जो कि यात्री दल का मुख्य उद्देश्य था। तत्पश्चात समस्त भक्तजन वापस चौकी नामक स्थान पर पहुंचे जहां पर कि विश्राम स्थल था। 07 मई 2024 को यात्री दल ने खतलिंग से वापस रवानगी की और खरसोली नामक स्थान पर विश्राम किया जहां पर कि मां लक्ष्मी देवी जी का मंदिर है। रात्रि के समय वहां पर पूजा – अर्चना की। दिनांक 08 मई 2024 को यात्री दल ने भगवती से आशीर्वाद प्राप्त कर खरसोली से प्रस्थान किया और रात्रि विश्राम के लिए गंगी गांव पहुंचे। 09 मई 2024 को यात्री दल ने भगवान सोमेश्वर के मंदिर में जाकर के पूजा अर्चना की और उसके बाद गंतव्य स्थान घुत्तू भिलंग के लिए प्रस्थान किया।

इस यात्री दल में मेरे साथ भगवान नागराज नगेला नागेंद्र के धामी श्री सुरेंद्र सिंह रावत, श्री केदार सिंह रौथाण, श्री केदार सिंह गुसाईं, श्री जितेंद्र सिंह रावत, श्री रघुवीर सिंह कंडारी, श्री लक्ष्मण सिंह रावत, श्री दयाल सिंह कैंतुरा, श्री विजेंद्र सिंह रावत, श्री राजू बिष्ट और श्री धन बहादुर थे। इस तरह से इस सात दिवसीय यात्रा का समापन हुआ।

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