आजादी का महोत्सव तीन दिन मनाना सरकार का संवैधानिक के साथ-साथ विवेकपूर्ण निर्णय: डॉ घिल्डियाल

 

 

देहरादून ।आजादी का महोत्सव तीन दिन मनाना केंद्र एवं राज्य सरकार का संवैधानिक के साथ-साथ सर्वधर्म के अनुसार भी बहुत अच्छा जन् प्रिय निर्णय है, क्योंकि लगभग सभी धर्मों में किसी भी यज्ञ को तीन दिन होना आवश्यक बताया गया है।

 

उपरोक्त विचार शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक आचार्य डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किए हैं, वह आज शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय में तिरंगा यात्रा के अवसर पर बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि लगभग सभी धर्मों में यह व्यवस्था है, कि किसी भी सकाम यज्ञ का संकल्प तीन दिनों में पूर्ण होता है, इसलिए देश की आजादी को अखंड बनाए रखने के संकल्प की पूर्णता के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह का 3 दिन मनाया जाना सरकार का संवैधानिक के साथ-साथअत्यंत विवेकपूर्ण निर्णय है।

 

तिरंगा यात्रा समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ राम प्रसाद थपलियाल ने कहा कि बड़े अधिकारी का छात्रों के साथ यात्रा में शामिल होना अनुकरणीय होने के साथ-साथ संस्कृति एवं देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट भावना का परिचायक है, उन्होंने विद्यालय परिवार की तरफ से सहायक निदेशक डॉक्टर घिल्डियाल का फूल माला एवं अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

 

सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल के मार्गदर्शन में तिरंगा यात्रा महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर वंदे मातरम ,भारत माता की जय ,एवं जन जन की भाषा संस्कृत भाषा के गगन भेदी नारों के साथ नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए महा विद्यालय प्रांगण में आकर समाप्त हुई, यात्रा के आकर्षण का आलम यह था कि रास्ते में आम जनता के साथ-साथ पुलिस एवं शासन के अधिकारी भी इस भव्य यात्रा का वीडियो बनाते हुए नजर आए। यात्रा में आचार्य आसाराम मैठाणी, प्रोफेसर मुकेश खंडूरी, प्रोफेसर मनीषा भंडारी, रितु कौशिक, चंद्रकांत मैथानी सहित प्रथमा से लेकर एम ए -आचार्य तक के छात्र उपस्थित रहे।

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