देहरादून/ घनसाली
टिहरी गढ़वाल
आपदाग्रस्त क्षेत्र में भले युवा मुख्यमंत्री धामी व स्थानीय विधायक शाक्ति लाल शाह ने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। लेकिन फोटो कैमरा और एक्शन की तर्ज पर धरातल में आपदा प्रबंधन जीरो नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों से बात करके पता चल रहा है की न पीने को पानी है न राशन की व्यवस्था है भूखमरी जैसी व्यवस्था होने के कगार पर लोग हैं जनमानस में दहशत इतनी बढ़ गई है की रातों का सोना दुर्लभ हो गया है।
लोग देवी देवताओं को पूछने लगे हैं की हम गांव में रहे या गांव छोड़ दें ।
आखिर इन दैवीय आपदाओं में कैसे लोग अपने बच्चों को परिवार को बचायें शोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा की हमें आज अपना घर छोड़ना पड़ेगा
सरकार और अधिकारियों को चाहिए की आपदा प्रबंधन की तर्ज पर लोगों को कम से कम रोज़मर्रा की चीजें उपलब्ध करवाये अगर समय रहते स्थिति न संभली तो खंडहर हो चुके होंगे पहाड़ी क्षेत्र तब न कोदा उगेगा न झंगोरा उत्तराखंड की धरोहर पहाड़ी क्षेत्र है सरकार को उनको बचाने की मुहिम छेडनी होगी