देहरादून । शिक्षा मंत्री एवं सचिव संस्कृत शिक्षा के मार्गदर्शन में सहायक निदेशक शिक्षा /संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल द्वारा उत्तराखंड की विधानसभा में संस्कृत भाषा का परचम लहराने के परिणाम सामने आने लग गए हैं।
इस श्रृंखला में डॉ घिल्डियाल की ज्योतिष अनुयाई एवं पौड़ी जनपद की यमकेश्वर विधानसभा की विधायक श्रीमती रेणु बिष्ट ने आज उनके आवास व्हाइट हाउस देहरादून में मुलाकात कर आवश्यक विचार विमर्श किया, प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों के बीच करीब २ घंटे तक विचार विमर्श हुआ।
*विश्वस्त्र सूत्रों के अनुसार सहायक निदेशक ने विधायक से कहा कि यद्यपि माध्यमिक में भी सभी विद्यालयों में संस्कृत एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है ,परंतु यमकेश्वर विकासखंड में एक भी परंपरागत संस्कृत विद्यालय नहीं है, इस पर विधायक ने उनसे इसके लिए पहल करने के लिए कहा। विधायक रेणु बिष्ट ने कहा कि यद्यपि उत्तराखंड ज्योतिष रत्न के रूप में वह डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डयाल की अनुयाई हैं, परंतु इस विधानसभा सत्र में कैबिनेट मंत्रियों, पक्ष -विपक्ष के विधायकों एवं नौकरशाहों के साथ हुए उनके संबोधन से सभी लोग अत्यधिक प्रभावित हुए हैं।*
डॉक्टर घिल्डियाल ने विधायक से कहा कि माननीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत एवं सचिव दीपक कुमार की इच्छा द्वितीय राजभाषा संस्कृत को विद्यालयों में नर्सरी कक्षा से प्रारंभ करने की है, और इसके लिए सभी विधायकों का हमें सहयोग चाहिए, इस पर विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी विधानसभा में जहां पर भी वह कार्य करना चाहेंगे उनका पूरा समर्थन एवं सभी तरह से सहयोग रहेगा।