एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में दिखेगी लघु भारत की झलक

  • 28 से 30 नवम्बर से होने वाले अधिवेशन में विभिन्न राज्यों के 150 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
  • समाज, शिक्षा, पर्यावरण और सुरक्षा जैसे विषयों पर पारित होंगे प्रस्ताव

देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों जोरों पर है। 28 से 30 नवम्बर तक परेड ग्राउंड में अस्थाई रूप से स्थापित भगवान बिरसा मुंडा नगर में होने वाले अधिवेशन में देश भर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

मंगलवार को अधिवेशन स्थल पर आयोजित पत्रकार वार्ता में एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने अधिवेशन की तैयारियों को लेकर महत्पूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने कहा कि अधिवेशन के मुख्य सभागार का नाम उत्तराखण्ड के गौरव भारत के वीर सपूत भारतीय सेना के प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर रखा गया है। राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन 28 नवम्बर को बतौर मुख्य अतिथि इसरो के पूर्व अध्यक्ष डा. एस सोमनाथ द्वारा किया जाएगा। अधिवेशन के दौरान शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, खेल, तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहन मनन—चिंतन होगा और प्रस्ताव समिति द्वारा देशभर से प्राप्त सुझावों पर चिंतन करके उन्हें पारित किया जाएगा। वहीं प्रो. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार गोरखपुर के श्रीकृष्ण पाण्डेय को दिया जाएगा जिसमें बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय अधिवेशन में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगी जिसका महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी रखा गया है। प्रदर्शनी में रानी अब्बक्का के साहस को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य बालकृष्ण होंगे। पत्रकार वार्ता में एबीवीपी के प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक हर्ष अत्री आदि मौजूद थे।

गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पहुंचेगा पवित्र जल
देहरादून। अधिवेशन से पूर्व भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर झारखण्ड के उलिहातु से भगवान बिरसा संदेश यात्रा एवं रानी अब्बक्का के 500वीं जन्म जयंती पर कर्नाटक स्थित रानी अब्बक्का की जन्मस्थली से रानी अब्बक्का कलश यात्रा अधिवेशन स्थल में पहुंचेगी। साथ ही गुरु तेग बहादुर सिंह जी के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित उनके बलिदान स्थल गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल भी अधिवेशन में लाया जाएगा।

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