एसएसपी देहरादून द्वारा सभी कोर्ट पैरोकारो के साथ गोष्टी कर दिए निर्देश

 

👉*न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों में सभी गवाहों के समय से बयान सुनिश्चित कराने के दिये निर्देश*

 

👉*लापरवाही बरतने वालो के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की दी चेतावनी*

 

आज दिनाँक 01/12/2024 को एसएससी देहरादून द्वारा देहरादून के विभिन्न न्यायालयो में नियुक्त कोर्ट पैरोकारों की मीटिंग ली गयी। मीटिंग के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा सभी पैरोकारों के कॉज रजिस्टर चैक किये गए।

 

इस दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा सभी कोर्ट पैरोकारों को मा0 न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों में सभी गवाहों के समय से मा0 न्यायालय के समक्ष बयान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए, जिससे विचाराधीन मुकदमों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उपस्थित सभी कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि कार्य के प्रति लापरवाही अथवा शिथिलता बरतने संबंधित किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जायेगा, ऐसे कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी।

देहरादून

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया।कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, निवर्तमान महापौर, देहरादून, सुनील उनियाल गामा, भाजपा महामंत्री आदित्य कोठारी, बलजीत सोनी और राज्य के महानिदेशक पुलिस दीपम सेठ सहित अन्य लोगों ने भी अमित शाह का स्वागत किया।

 

नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के संविधान की विशिष्टता संविधान में वर्णित बिना किसी भेदभाव के समान अधिकारों और समान कर्तव्यों के साथ आगे बढ़ने और अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने का समान अवसर प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान में समस्त देशवासियों की गहरी आस्था है। उन्होंने ऐसे लोगों को परामर्श देते हुए कहा कि जिन्हें भारत के संविधान में आस्था नहीं है और जो सरिया के कानून से रहना चाहते हैं, उन्हें भारत छोड़ कर अपनी पसंद के देश में जाकर रहना चाहिए।

हिन्दू महासभा ने संविधान दिवस पर केंद्र सरकार से संसद के आगामी सत्र में एक विधेयक पारित कर संविधान से इंडिया शब्द हटाने और इंडिया के स्थान पर भारत अंकित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विदेशी दासता के प्रभाव में संविधान निर्माताओं से संविधान में दासता के प्रतीक अंग्रेजों का दिया नाम इंडिया शब्द को अंकित करने की बड़ी चूक हुई है, जिसमें सुधार करने का सही समय आ गया है।

हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में कहा कि हिन्दू महासभा संविधान से इंडिया शब्द हटाने के लिए समय समय पर आवाज उठाती रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सरकार देर सबेर उनकी इस मांग को स्वीकार करेगी और भारत का संविधान इंडिया से हमेशा के लिए मुक्त हो जाएगा। सम्पूर्ण विश्व में हमारा देश अपने सनातनी नाम भारत से जाना और पहचाना जाएगा।

बी एन तिवारी ने चुनाव के समय संविधान बदलने का हौआ खड़ा करने वाली कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में सत्ता के मद में चूर होकर मूल संविधान से छेड़छाड़ कर संविधान के मूल चरित्र को बदल दिया। पंथ निरपेक्ष को धर्म निरपेक्ष बनाकर देश में धार्मिक उन्माद का वातावरण तैयार किया, जिसकी आग में देश आज भी जल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से संविधान में पुनः धर्म निरपेक्ष को पंथ निरपेक्ष करने की मांग की।

हिम वार्ता लाइव

दिल्ली

भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी दिल्ली मे
आयोजित प्रतिष्ठित इंस्पायरिंग इंडिया अवॉर्ड समारोह मे उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण मे जन्मी रजनी ढोंडियाल जोशी को उनके समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान और प्रभावशाली कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
उनकी जीवनी के अनुभव को साझा करती किताब के विमोचन के अवसर पर पूरे भारत से बुद्धिजीवी लोग उपस्थित रहे।
रजनी जो एक अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता और परामर्शदाता भी है जो लगातार आर्थिक रूप से अशिक्षित बच्चों के शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए कई वर्षों से समाज में सेवा के रूप मे अपना योगदान दे रही है।
उन्होंने आज तक आर्थिक रूप से असक्षम कई बच्चों का जहां स्कूलों में दाखिला करवाया
वहीं कई निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर महिलाओं के बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अमूल्य योगदान अपना समझ को दिया है।
रजनी के बताया कि उनकी टीम लगातार बस्तियों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति एक और जहां जागरूक करती है वही उत्तराखंड के दूरस्थ गांव में आर्थिक रूप से असक्षम बच्चों के साक्षरता के लिए निरंतर उनके योगदान सराहनीय है।
रजनी जोशी ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए इसका श्रेय अपने परिवार और अपनी टीम शिक्षा से शिखर तक को दिया।
जहां लगातार दिल्ली और एनसीआर के कई संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में निरंतर अपना योगदान दे रही है वहीं उनका ध्येय साक्षर भारत संपन्न भारत स्वस्थ भारत है।
रजनी जोशी बताती है कि उनका एकमात्र सपना है कि ऐसे स्कूल का निर्माण किया जाए जहां कोई भी बच्चा फीस के अभाव में शिक्षा ना छोड़े।
भारतीय विद्यापीठ यूनिवर्सिटी दिल्ली मे भव्य और सफल आयोजन मे इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मान हेतु नीलिमा जी का आभार व्यक्त किया
रजनी ने कहा कि बहुत कम ऐसे मंच हैं जहां पर उपस्थित होकर मैं खुद को गौरवान्वित अनुभव करती हूं।


साथ ही सभी आए हुए अतिथियों का हार्दिक स्वागत अभिनन्दन, आप सभी की कहानी पढ़कर निश्चित रूप से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और मेरे आगामी लक्ष्यों के लिए आप सभी की इंस्पायरिंग स्टोरी बहुत उपयोगी सिद्ध होंगी।

 

 

नई फिल्म नीति -2024 को लेकर दिखा उत्साह, कई जाने माने फ़िल्म निर्माता, निर्देशक ने दिखाई रुचि

 

गोवा। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के फ़िल्म बाजार में बना उत्तराखंड पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र। उत्तराखंड पवेलियन में कई जाने माने फ़िल्म फ़िल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक, अभिनेता आदि विभिन्न विधाओं से जुड़े लोगों आकर नई फ़िल्म नीति की जानकारी ली।

उत्तराखंड पवेलियन में जानेमाने अभिनेता हेमंत पांडेय आये। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फ़िल्म जगत के लिए बेहतरीन फ़िल्म नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पवेलियन पूरे फ़िल्म बाजार में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुप्रसिद्व कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, इम्पा (इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर एसोसियेशन) के अध्यक्ष अभय सिन्हा, इम्पा के सुषमा शिरोमणी, निशांत उज्ज्वल, विनोद कुमार गुप्ता द्वारा भी उत्तराखंड पवेलियन पर आकर फ़िल्म नीति की सराहना की गई। सुप्रसिद्व फ़िल्म अभिनेता निमाई बाली,

फ़िल्म प्रोड्यूसर श्रवण मोहत्रर, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त सुप्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर सुभाई नल्लामुथु, सागर वर्ल्ड मल्टीमीडिया प्रा. लि. के निदेशक शिव सागर (रामानंद सगर के बेटे), अभिनेत्री एवं प्रोड्यूसर आरुषि निशंक, मध्य प्रदेश टूरिज़्म बोर्ड की एडीशनल मैनेजिंग डायरेक्टर विदिशा मुखर्जी, महाराष्ट्र फ़िल्म स्टेज एन्ड कलचर डेवलपमेंट लि. के जॉइंट मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. धनंजय सावलकर आदि ने भी उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति पर चर्चा की गई।

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 55वें संस्करण में उत्तराखंड नई फिल्म नीति 2024 की खूब हुई सराहना

 

 

गोवा। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 55वें संस्करण में उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा गोवा स्थित फ़िल्म बाजार में प्रतिभाग किया गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नॉलेज सीरीज में उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई फिल्म नीति 2024 पर चर्चा की गई। नॉलेज सीरीज का शीर्षक बिल्डिंग फ़िल्म फ्रेंडली उत्तराखण्ड – इनिशिएटिव्स – इनसेंटिव्स – एंड द रोल ऑफ़ स्टेकहोल्डर्स था। चर्चा करते हुए मंच पर उपस्थित फ़िल्म अभिनेता एवं निर्देशक अनंत महादेवन नारायण ने कहा कि उत्तराखण्ड में सरल शूटिंग प्रक्रिया है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए। श्री अनंत महादेवन ने उत्तराखंड में अपनी फिल्म की शूटिंग अनुमति से लेकर शूटिंग कम्पलीट होने तक तक के अपने अनुभव को साझा किया और स्थानीय लोगो द्वारा की गई हर प्रकार की सहायता के बारे में भी प्रशंसा की गई। उन्होंने बताया कि अभी एक माह पूर्व ही उन्होंने अपनी फ़िल्म “पास्ट टेन्स” की शूटिंग उत्तराखंड में की है, जिसमे परेश रावल, आदित्य रावल, आदिल हुसैन आदि शामिल रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शूटिंग लोकेशन के लिए डिजिटल एप्प भी तैयार करना चाहिए, इससे राज्य की शूटिंग लोकेशन का अधिक प्रचार प्रसार होगा।

अभिनेता अमित सियाल ने उत्तराखण्ड के खुर्पाताल, नैनीताल जनपद में शूट हुई अपनी फ़िल्म “तिकड़म” के दौरान हुए अनुभवों को बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य और यहां के लोगों का आत्मीय स्वभाव हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि जब भी मौक़ा मिलेगा वे दोबारा उत्तराखण्ड में शूट करना चाहेंगे। उन्होंने नई फिल्म नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि फ़िल्म नीति काफी आकर्षक है, अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों को भी उत्तराखंड में शूटिंग के लिए आना चाहिए।

 

अभिनेत्री श्रुति पवाँर ने देहरादून में अपने पहले शूटिंग अनुभव के बारे में बताया और कहा कि आज राज्य सरकार फ़िल्म नीति के माध्यम से राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फ़िल्मों को हर प्रकार से प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड को “No less than Switzerland” की संज्ञा देते हुए बताया कि यहाँ शूटिंग लोकशंस के नाम पर एक से बढ़कर एक शूटिंग लोकशंस है और राज्य सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की सराहना की, कि उनके द्वारा फ़िल्म जगत को लेकर सकारात्मक प्रयास करते हुए नई फिल्म नीति लागू की गई है। उन्होंने “उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024” को भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

ऑस्ट्रेलिया से आये फ़िल्म निर्माता अनुपम शर्मा ने कहा कि उनके द्वारा भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलिया निवासी प्रसिद्ध कंट्री सिंगर बॉबी कैश पर बायोपिक फ़िल्म का निर्माण किया जा रहा है। इस फ़िल्म की आधी शूटिंग आस्ट्रेलिया और आधी शूटिंग उत्तराखंड में होगी। इससे उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के फ़िल्म जगत के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।

 

उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं विजन के अनुरूप नई फिल्म नीति 2024 लागू की गई है। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति में 3T (टैलेंट-टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग) के सिद्धांत पर फोकस किया गया है।

डॉ उपाध्याय ने बताया की उत्तराखंड में पहले से ही लोकेशन और रिसोर्स डायरेक्टरी बनाने का काम चल रहा है । भारत सरकार की संस्था इंडियन सिने हब के अंतर्गत एक राष्ट्रीय वेबसाइट बन रही है जिसमे उत्तराखंड के लोकेशन और रिसोर्स अपडेट किए जा रहे हैं । स्थानीय स्तर पर फ़िल्म उद्योग को विकसित किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर फ़िल्मों से जुड़े रोज़गार सृजन को ध्यान में रख कर कार्य किया जा रहा है। नॉलेज सीरीज का संचालन वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी प्रमुख आयकर आयुक्त भोपाल श्रीमती माया माहेश्वरी द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

 

कार्यक्रम में फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक शालिनी शाह, अभिनेता एवं वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा, ओम प्रकाश भट्ट, एन.एफ.डी.सी. के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं फ़िल्म बाजार में प्रतिभाग करने वाले अन्य राज्यो के प्रतिनिघि आदि उपस्थित थे।

विदेशी छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले विदेशी छात्र/अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार।

    *साक्ष्यों व पीड़िता के बयानों के आधार पर अभियुक्त द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म…

 

 

देहरादून दिनांक 16 नवम्बर 2024,

भारतीय प्रेस परिषद नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में ‘‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर आज जिला सूचना कर्यालय कक्ष में वरिष्ठ पत्रकार नरेश मनोचा की अध्यक्षता तथा वरिष्ठ पत्रकार वीडी शर्मा की गरिमामई उपस्थिति में सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बी.सी नेगी ने भारतीय प्रेस परिषद के द्वारा दिए गए विषय ‘‘ Changing Nature of Press” के युग में मीडिया’’ विषय पर आयोजित गोष्ठी का शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सहायक निदेशक बी.सी नेगी ने कहा कि वर्तमान में प्रेस एवं मीडिया में बहुत बड़े परिवर्तन हुए जहां आधुनिक तकनीक ने मीडिया के प्रसार को तीव्रगति प्रदान की हैं, वहीं पांम्परिक मीडिया में आवश्यकता के अनुसार बहुत परिवर्तन हो गया है। आज सोशल मीडिया के रूप में प्रत्येक व्यक्ति इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मीडिया को किसी भी विषय पर पूर्ण फैक्ट एवं पक्ष जानने के उपरान्त ही खबर का प्रसारण करने की परम्परा को बचाकर रखना होगा। साथ ही सरकार की जनहित की योजनाओं को व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्रों को योजनाओं एवं उनके अधिकारों का भान कराना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार बीडी शर्मा ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है प्रेस भी इससे अछूती नही है, उन्होने कहा कि आदि युग से मीडिया के स्वरूप में निरंतर बदलाव हुए हैं, उन्होंने मीडिया की घटती विश्वसनीयता पर चिंता जाहिर करते हुए विभिन्न मीडिया संगठनों से इस विषय पर वर्कशाप कराने का भी आह्वान किया। इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार नरेश मनोचा प्रेस परिषद के गठन तथा भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रेस की बदलती प्रकृति पर विचार रखें, गोपाल सिंघल ने आधुनिक पत्रकारिता का जिसक करते हुए प्रेस के बदलते स्वरूप पर चर्चा की, संजय पाठक पत्रकारिता में आलोचना नही बल्कि समालोचन पर बल दिया। गिरिधर गोपाल लुथरा अपनी पत्रकारिता यात्रा की चर्चा करते हुए, आधुनिक युग में पत्रकारिताक के परिवर्तन पर प्रकाश डाला, मंगेश कुमार ने कहा कि उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि जो विगत दशकों की पत्रकारिता एवं वर्तमान पत्रकारिता में बहुत परिवर्तन हुए है इसके लिए तकनीकि को अपनाना आवश्यक है जो समय हमने देखा वह नई पीढी नही देखेगी, वर्तमान युग में पत्रकारिता के स्वरूप में बहुत परिवर्तन हुए हैं, राजेश ध्यानी, संदीप शर्मा, सुश्री मोनू, आर के शर्मा, आलोक शर्मा, सुश्री सपना पाण्डेय, कुलदीप सिंह, विपिन सिंह, जगमोहन मोर्य, सोनू सिंह, गौरव रतन आदि उपस्थित पत्रकारों ने अपने विचार रखें।

इस अवसर पर इस अवसर वरिष्ठ पत्रकार नरेश मनोचा,गोपाल सिंघल, संजय पाठक,गिरिधर गोपाल लुथरा, मंगेश कुमार, राजेश ध्यानी, संदीप शर्मा, सुश्री मोनू, आर के शर्मा, आलोक शर्मा, सुश्री सपना पाण्डेय, कुलदीप सिंह, विपिन सिंह, जगमोहन मोर्य, सोनू सिंह, गौरव रतन आदिपत्रकारगण एवं क0स0 इन्द्रेश चन्द्र, एवं कार्यालय के अन्य कार्मिक एवं मीडियागण उपस्थित रहे।

 

 

 

15.11.24 वाराणसी।

आज काशी के केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में देव दीपावली के पावन अवसर पर उद्गार व्यक्त करते हुए परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती 1008 जी महाराज ने कहा कि मनुष्यों एवं देवताओं के मध्य सामंजस्य स्थापित करने का पर्व है देव दीपावली।आज के दिन धरती पर सभी देवता पधार कर दीपार्चन स्वीकार कर रहे हैं।उन देवताओं से साथ एकाकार होने का इससे सुंदर अवसर दूसरा नही हो सकता है।आज आसमान पर जितने तारे दिखाई देंगे नीचे धरती पर देखने पर उतने ही दीप दिखाई देंगे।आज जो लोग बहुत भाग्यशाली हैं वो काशी में उपस्थित हैं।हम समस्त लोगों को शुभकामना देते हैं।आज कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली के पावन अवसर पर श्रीविद्यामठ में शंकराचार्य जी महाराज के सान्निध्य में भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का मेवे से श्रृंगार और आंवले से अर्चन किया गया।सत्यनारायण भगवान की कथा हुई जिसमें यजमान के भूमिका में अभय शंकर तिवारी सपत्नीक उपस्थित थे।

उक्त जानकारी देते हुए परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज दीपावली प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में मनाते हैं इसलिए श्रीविद्यामठ में आज के ही दिन सन्त,भक्त व वैदिक छात्र मिलकर दीपावली मनाया।जिसके अनन्तर पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज आकाशदीप प्रज्ज्वलित किया और दीपदान किया।साथ ही पूज्यपाद महाराजश्री मठ मौजूद सैकड़ों वैदिक विद्यार्थियों के मध्य पटाखा वितरित किया जिसे भगवती गंगा के तट पर वैदिक बच्चों ने पटाखा फोड़ा।

 

इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री:-साध्वी पूर्णाम्बा दीदी,साध्वी शारदाम्बा दीदी,ब्रम्हचारी परमात्मानंद,सजंय पाण्डेय मीडिया प्रभारी,अनिल भारद्वाज,स्वामी नरेंद्रानंद,स्वामी भगवतानंद,ब्रम्हचारी सर्वभूत हृदयानंद,रवि त्रिवेदी,शैलेन्द्र योगी,रमेश उपाध्याय,सुनील उपाध्याय,हजारी सौरभ शुक्ला,किशन जायसवाल,सक्षम सिंह योगी,मनीष पाण्डेय,सुनील शुक्ला सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

 

 

“आईजेयू के अधिवेशन में बोले कैबिनेट मंत्री उनियाल- राज्य सरकार राज्य के पत्रकारों को मुहैया करा रही बेहतर सुविधाएं”

 

 

हिम वार्ता लाइव डेस्क

 

देहरादून।, उत्तराखंड़ के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जीवन को विशुद्ध रूप से जीने के लिए शुद्ध पर्यावरण की आवश्यकता है और इसे बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य एव जिम्मेदारी है I

उनियाल रिंग रोड स्थित पर्ल ऐवन्यू होटल में इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आइजेयू), नई के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे I

आईजेयू के इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करने के उपरांत कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य देवों की पवित्र भूमि होने के साथ ही प्राकृतिक रूप से सुंदर एवं आकर्षित राज्य भी है I यह राज्य सभी को शुद्ध पर्यावरण प्रदान करता आ रहा है। देशभर को अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता तथा शुद्ध पर्यावरण देने में भी अग्रणी राज्य बना हुआ है I उन्होंने कहा कि यह हिमालयी राज्य प्राकृतिक रूप से आच्छादित है, साथ ही यहां बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री के साथ ही सिक्खों के धाम व मुस्लिम समुदाय का पवित्र धाम कलियर शरीफ भी है I यह सभी धाम सौहार्दपूर्ण वातावरण का संदेश हमेशा देते रहे हैं I उन्होंने पर्यावरण को समाज से जोड़ते हुए कहा कि मीडिया की भूमिका जनता को इस दिशा में जागरूक करने के लिए बहुत ही आवश्यक हो जाती है I आईजेयू के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने समाज में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के पत्रकार को बेहतर सुविधाएं मुहैया करा रही है I

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जो पेंशन पांच हज़ार रुपए प्रतिमाह दी जाती थी, उसको बढ़ाकर राज्य सरकार ने आठ हजार प्रतिमाह किया I इसके अलावा राज्य सरकार ने कई पत्रकारों के लिए आवास भी मुहैया करना प्रारंभ किया है। अधिवेशन में उन्होंने सरकार की ओर से पत्रकारों को आगे भी सुविधाएं दिए जाने का आश्वासन दिया और घोषणा की कि पत्रकारों को वन विभाग के गेस्ट हाउस में सुविधाएं दिए जाने पर सरकार काम कर रही है I अधिवेशन के प्रारंभिक सत्र में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के श्रीनिवास रेड्डी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एन सिन्हा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर देवुलापल्ली, राष्ट्रीय सचिव जय सिंह रावत और विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

 आज पत्रकारिता खुद एक एजेंडा बन गई है : योगेश भट्ट

अधिवेशन के द्वितीय सत्र की शुरुआत पत्रकारिता के बिगड़ते स्वरूप व दिशाहीन होने पर चिंतन और मनन करने के साथ हुई। जिसमें मुख्य वक्ता राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि आज पत्रकारिता खुद एजेंडा बनकर रह गया है I उन्होंने आज के अधिवेशन में मीडिया और पत्रकारिता दोनों को हीआड़े हाथों लिया और कहा कि वास्तव में आज पत्रकारिता का राजनीतिकरण हो चुका है, जो कि पत्रकार जगत के लिए बहुत ही बड़ी चिंता की बात है I हमारे देश की डेमोक्रेसी कैसी हो? तथा आज बड़ा जर्नलिस्ट कौन है ? इस तरह के कई सवाल हमारे सामने आज है I उन्होंने चिंतन करते हुए कहा कि आज जो स्वरूप पत्रकारिता का बन चुका है, वह चिंतनीय है और आज पत्रकार और पत्रकारिता पर बात व चिंतन होना चाहिए I उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया और पत्रकारिता दोनों ही अलग- अलग हैं, लेकिन दोनों में आज घालमेल करके रख दिया गया है,जो कि चिंता का विषय है। इस पर मनन करने की आवश्यकता है I

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अप्रत्यक्ष रूप से देश के हालातो की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश की ग्रोथ आज स्वस्थ नहीं है I इस दिशा में स्वस्थ कदम उठाने होंगे I उन्होंने पक्ष और विपक्ष की भूमिका को लेकर जोर देते हुए कहा कि आज जहां सत्ता पक्ष मजबूत है, वहीं विपक्ष को भी पूरी तरह से मजबूत बने रहना चाहिए, ताकि एक दूसरे का डर देश के विकास कार्यों को लेकर समानांतर रूप से बना रहे I उन्होंने उत्तराखंड के मीडिया पत्रकारिता जगत द्वारा राज्य में उठाई जा रही आवाज को सराहनीय बताया और कहा कि राज्य सरकार को भी चाहिए कि वह पत्रकार और मीडिया जगत की सुख सुविधाओं को कदापि नजर अंदाज न करे I उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह पत्रकारों के इलाज के लिए कैशलेस की सुविधा के साथ ही पत्रकारों का बीमा करने पर भी गंभीरता दिखाए I

इस दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि सरकार की ओर से पत्रकारों द्वारा उठाई गई मांगों पर सरकार ने कई निर्णय ले लिए हैं I राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सदैव गंभीर रही है I उन्होंने कहा कि पत्रकारों की मान्यता भी अब तहसील और जिला स्तर पर भी होगी I पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि को भी 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ सरकार द्वारा कर दिया गया है I दिवंगत हो चुके पत्रकार दुर्गा प्रसाद नौटियाल को भी पांच लाख रूपए सरकार की ओर से दिए जाने की घोषणा भी सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने की है I इस अवसर पर जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखन्ड की वार्षिक स्मारिका का भी प्रकाशन किया गया।

आज पहले दिन के अधिवेशन में मुख्य रूप से कार्यक्रम के मुख्य आयोजक व जर्नलिस्ट यूनियन आॕफ उत्तराखण्ड़ के अध्यक्ष प्रदेश उमा शंकर प्रवीण मेहता, महामंत्री गिरीश पंत, जिलाध्यक्ष मोहम्मद शाह नज़र, अनिल वर्मा, मनमोहन लखेड़ा, ब्रह्मदत्त शर्मा, ललिता बलूनी, मूलचंद , वीरेन्द्र गैरोला, सन्जीव पंत, जाहिद अली, अधीर मुखर्जी, शीशपाल रावत, एस पी उनियाल, राजेन्द्र वर्मा, विनय भट्ट, श्रवण कुमार, विजय कुमार शर्मा समेत बीस राज्यों के पत्रकार उपस्थित रहे I