3 अक्टूबर 2024

शंकर मठ, रामराजातल्ला, हावडा, पश्चिम बंगाल

 

 

गोध्वज स्थापना भारत यात्रा के १२वें दिन आज आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तदनुसार दिनांक ३ अक्टूबर २०२४ को पश्चिम बंगाल के प्रमुख महानगर हावडा के अति प्राचीन शंकरमठ में विधिविधान से पूजा करने के बाद परमाराध्य परमधर्माधीष उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज के कर कमलों से “गोप्रतिष्ठा ध्वज” को स्थापित किया गया ।

 

ध्यातव्य हो कि पूज्य शंकराचार्य जी महाराज गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए पिछले २२ सितम्बर २०२४ को अयोध्या धाम में पहुंचकर रामकोट की परिक्रमा कर इस यात्रा की शुरुआत की थी, ये ऐतिहासिक यात्रा पूर्वोत्तर के प्रायः सभी राज्यों में जाकर गोप्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना कर चुकी ।

 

इस ऐतिहासिक यात्रा को विगत दिनों तब एक बडी सफलता मिली जब पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज के निर्देश पर महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ सम्भाजी शिन्दे जी ने देसी (रामा) गाय को राज्यमाता घोषित करके केबिनेट की प्रस्ताव की कापी शंकराचार्य जी के चरणों में सौंपा ।

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज इस ऐतिहासिक यात्रा के माध्यम से भारत भूमि की ऊपर से सम्पूर्णतया गौहत्या का कलंक मिटाकर गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए है ।

 

आज शक्तिपूजा की भूमि पश्चिमबंगाल में नवरात्रि के पहले दिन शंकर मठ में गोप्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना करके अपने को दृढसंकल्पित किया ।

 

भक्तों को सम्बोधित करते हुए पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि गो गंगा कृपाकांक्षी गोपालमणि जी का ये आन्दोलन अत्यन्त पवित्र है इसलिए इस आन्दोलन को बल देने के लिए हम इस अभियान में लगे हुए हैं ।

 

गाय को दूध समझने वाले और गाय को मांस समझने वाले दोनों ही गाय के महत्व से अनभिज्ञ है , भगवद्गीता में भगवान कहते हैं कि हमारे साथ भगवान ने यज्ञ को प्रकट किया और हम परस्पर एक दूसरे के लिए बनाए गए हैं ।

 

एकबार प्रजीपति ब्रह्मा जी द्वारा – देवता , दैत्य और मानव निमंत्रित किए गए , तैयार होने के बाद सुन्दर व्यंजन परोस दिया गया लेकिन ब्रह्मलोक के सेवकों ने सबके हाथ में एक लम्बा डंडा रस्सी के साथ बांध दिया । दैत्यों ने भोजन का बहिष्कार कर वहां से निकल गए । देवता और मनुष्यों ने एक दूसरे का सहयोग करते हुए एक दूसरे को खिलाकर परम तृप्ति का अनुभव किया । दूसरे को खिलाने से संतुष्ट होते हैं हम भारतीय । हम अपने देवता, अतिथि और बच्चों के लिए भोजन बनाते हैं इसी को यज्ञ कहा जाता है । मंत्र और हवि के द्वारा यज्ञ होता है जिससे देवता प्रसन्न होते हैं । ब्राह्मण और गोमाता ही यज्ञ को सम्पन्न कराते हैं । बिना गाय के सारी पूजा उपासना व्यर्थ है , ३३ कोटि देवता की सेवा ही गौसेवा है । पहली रोटी हम अपने ३३कोटि देव स्वरूपा गोमाता को समर्पित करते हैं ।

 

महाराज दिलीप सर्वसामर्थ्यवान थे लेकिन पुत्र विहीन होने के कारण दुखी थे , गुरु वशिष्ठ के आदेश का परिपालन करते हुए ४० दिन तक अहर्निश गौसेवा की परिणाम अज नामका पुत्र हुआ उनके धर में , आगे चलकर इसी पवित्र वंश में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम नें अवतार धारण किया ।

 

भगवान को पाना है तो गोसेवा करो , भगवान ने कह रखा है – ‘गवां मध्ये वसाम्यहम्’ मैं सदा गायों के बीच में ही रहता हूं ।

 

‘मातीति माता’ जो सबको अपने अन्दर समा ले वही माता है । गौमाता में सबकुछ समाहित है । ललितासहस्रनाम में भगवती को ‘गोमाता’ कहकर सम्बोधित किया गया है । गौमाता सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली देवी है, हम सनातनी केवल दूध नहीं अपितु आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गौसेवा करते हैं ।

 

ये यात्रा कल हावडा से झारखंड प्रदेश जमशेदपुर पहुंचेगी । परसों दिनांक ५ अक्टूबर २०२४ को राजधानी रांची में गोप्रतिष्ठा ध्वज स्थापित की जाएगी ।

 

आज के कार्यक्रम में उपस्थित रहे सर्वश्री स्वामी प्रज्ञानानन्द सरस्वती जी, स्वामी अम्बरीशानन्द सरस्वती जी, ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानन्द जी, डा परमेश्वरनाथ मिश्र जी, यात्रा के नेतृत्वकर्ता गो गंगा कृपाकांक्षी गोपालमणि जी , स्वामी रामानन्द तीर्थ जी, स्वामी तेजेश्वरानन्द सरस्वती, यात्रा प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, बंगाल प्रभारी निरंजन दास, प्रभु शरण दास जी, सर्वभूतहृदयानन्द जी, सर्वभूतात्मानन्द जी, सर्वशरण जी, आनन्द उपाध्याय , अरविन्द भारद्वाज, सक्षम सिॅह, गौरव कुमार, सुनील उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।

 

उक्त जानकारी परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय के माध्यम से प्राप्त हुई है।

 

प्रेषक

संजय पाण्डेय-मीडिया प्रभारी।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज।

 

 

*रंगदारी मांगने के आरोपी अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार*

 

*अभियुक्त द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से वादी को बदनाम कर जान से मारने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमैल करते हुए रंगदारी की करी जा रही थी माँग*

 

*अभियुक्त को पूर्व में भी मा० न्यायालय से जारी वारण्टो में पुलिस द्वारा किया गया था गिरफ्तार*

 

*कोतवाली ऋषिकेश*

 

*घटना का विवरण-*

 

दि0 17/08/24 को शिकायतकर्ता शुभम चंदेल डायरेक्टर पेनेशिया हॉस्पिटल देहरादून रोड ऋषिकेश द्वारा तहरीर देकर अवगत कराया कि एक व्यक्ति जिनका नाम अरविंद हटवाल है, जो अपने आप को पत्रकार बताता है, उनके हॉस्पिटल में सामाजिक कार्यकर्ता बनकर आया और कभी किसी की शादी, कभी किसी के इलाज के नाम पर आर्थिक मदद ले जाने लगा, उसे सामाजिक कार्यकर्ता समझकर वादी द्वारा कई बार उसकी सहायता की। फरवरी माह 2024 में उसके द्वारा वादी से 25000/- रुपए नगद डिमांड करी तथा देने से मना करने पर वह वादी के हॉस्पिटल को तरह-तरह से धमकियां देने लगा। मार्च माह में अभियुक्त द्वारा रात्रि के समय वादी को देहरादून जाते समय नटराज चौक पर रोककर उसके साथ धक्का मुक्की तथा गाली गलोच की गयी तथा पैसा न देने पर उसके हॉस्पिटल को बदनाम करने तथा जान से मारने की धमकी दी। अभियुक्त द्वारा सोशल मीडिया पर वादी के हॉस्पिटल को बदनाम कर उन्हें लगातार ब्लैकमेलिंग करते हुए उनके साथ गाली गलोच व धमकी दी जा रही है। तहरीर के आधार पर थाना ऋषिकेश पर तत्काल मु0अ0स0 437/24 धारा 323/384/504/506 भादवि पंजीकृत बनाम अरविन्द हटवाल पंजीकृत किया गया।

 

अभियोग की विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आज दि0 01/10/24 को ऋषिकेश पुलिस द्वारा अभियुक्त अरविंद हटवाल पुत्र अनुसुया प्रसाद निवासी- गली न0 05 गंगानग ऋषिकेश जिला देहरादून उम्र – 41 वर्ष को बाला सुन्दरी मन्दिर गेट गली न0 12 विस्थापित ऋषिकेश से गिरफ्तार किया गया।

 

*नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त*

 

1- अभियुक्त अरविंद हटवाल पुत्र अनुसुया प्रसाद निवासी- गली न0 05 गंगानगर, ऋषिकेश, जिला देहरादून, उम्र – 41 वर्ष

 

*आपराधिक इतिहास*

 

*1-मु0अ0स0 390/19 धारा 309 भादवि, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून – आरोप पत्र प्रेषित*

 

*2-मु0अ0स0 436/19 धारा 353/384 भादवि, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून– आरोप पत्र प्रेषित*

 

*3-मु0अ0स0 437/24 धारा 323/504/506/384 भादवि, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून (रंगदारी का मामला) – विवेचना प्रचलित*

 

*4-मु0अ0स0 457/24 धारा 191(2)/191(3)/115(2)/352/351(2)/74/333/324(4)/(5) BNS, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून (छेडछाड व बल्वा का मामला) -विवेचना प्रचलित ।*

 

*5-मु0अ0स0 458/24 धारा 115(2)/352/324(2)/191(2)/333 BNS, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून (बल्वा व तोड़फोड का मामला) – विवेचना प्रचलित ।*

 

*6-मु0अ0स0 459/24 धारा 121(1)/132/191(2)/352/351 BNS, कोतवाली ऋषिकेश, देहरादून ( सरकारी कार्य में बाधा एवं बल्वा का मामला)–विवेचना प्रचलित ।*

 

*अन्य जनपदों/राज्यो से भी अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।*

 

*पुलिस टीम*

 

1-उ0नि0 नवीन डंगवाल

2-उ0नि0 चिन्तामणि मैठाणी

3- कानि0 अमित राणा

गाजियाबाद

नेशनल साइंस सेंटर में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से नेशनल साइंस सेंटर में तीन दिवसीय वर्क शॉप कबाड़ से कला का

का आयोजन किया गया।

नेशनल साइंस सेंटर दिल्ली और एशिया के सबसे बड़े विज्ञान केंद्रों में से एक है।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के डारेक्टर गब्बर सिंह  व नेशनल साइंस सेंटर के डारेक्टर से संस्था को उसके कार्यों हेतु प्रशस्ति पत्र व उपहार प्राप्त हुए ।

संस्था की अध्यक्ष रजनी ढौंडियाल

जोशी ने बताया कि उनका यह पहला अनुभव था जहां बच्चों ने कबाड़ से अपनी बेहतरीन कला को प्रदर्शित किया हमारे कार्यशाला की मुख्य थीम पानी बचाओ हरियाली लाओ प्रकृति बचाओ प्रस्तुत किया।

संस्था के बच्चे सभी स्लम से आते हैं तो उनके लिए यह बहुत ही अनुभव भरा दौर रहा और कहीं ना कहीं पूरा विश्वास है कि जो भी वर्कशॉप मे वो सीखकर गए एक ना एक दिन इसी से वह अपना स्वरोजगार शुरू करके अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनकर वो आगे बढ़ सकते हैं,

और यह संस्था के लिए गौरवशाली पल रहा जिसमें दिल्ली आर्ट ऑफ़ कॉलेज के बच्चों के समूह ने भी अपनी बड़े प्रोजेक्ट को लेकर भागीदारी निभाई।

जिसमें शिक्षा से शिखर तक संस्था को बुलबुल मैडम का भी पूरा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

प्रेस विज्ञप्ति

प्रकाशनार्थ

 

26 अक्टूबर 2024

आज *गोध्वज स्थापना भारत यात्रा* के 5वें दिन ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘१००८’ अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के डोनीपोलो एयरपोर्ट पहुँचें।

अरुणाचल प्रदेश छात्र सङ्गठन ने विगत कई दिनों से शङ्कराचार्य जी के आगमन का तगड़ा विरोध कर रहा था।आज नियत समय पर शङ्कराचार्य जी महाराज डोनीपोलो एयरपोर्ट ईटानगर पहुँचे। ADC बालिजान श्री तकारावा जी ने शङ्कराचार्य जी से संवाद किया और प्रार्थना किया कि आप नगर में प्रवेश ना करें क्योंकि आपके प्रवेश से शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ जाएगी।

जिसपर परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शङ्कराचार्य जी महाराज ने कहा कि हम अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति का, यहाँ के लोगों का और सबका सम्मान करते हैं, हम संवैधानिक रूप से अपने देश के किसी भी कोने में जाकर अपनी बात कह सकते हैं। आज हम यहाँ आकर अपने प्रण को दोहरा रहे हैं।शङ्कराचार्य जी महाराज ने ADC के माध्यम से विरोध कर रहे छात्रों को संवाद के लिये आमन्त्रित किया। ADC महोदय उनके पास गए और छात्रों से बात करके पुनः शङ्कराचार्य जी महाराज को सूचित किया कि ‘हमारे समूह में अपनी बात सही से शङ्कराचार्य जी महाराज के सामने रखने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति नही है।

किसी जिम्मेदार व्यक्ति की अनुपस्थिति में शङ्कराचार्य जी महाराज ने 20 मिनट का वीडियो सन्देश देकर अपनी बात अरुणाचल प्रदेश के सम्मानित नागरिकों को कहकर प्रतीकात्मक *गोप्रतिष्ठा ध्वज* फहराकर अपने गौरक्षा के प्रण को दृढता से दोहराया।

 

छात्र सङ्गठन सहित समस्त अरुणाचल प्रदेश के निवासियों से शङ्कराचार्य जी ने अनुरोध किया है कि आप इस विषय में संवाद करिए ताकि इस समस्या का पूर्ण समाधान हो सके।

 

शङ्कराचार्य जी महाराज के साथ उपस्थित रहे श्री गोपालमणि जी महाराज, स्वामी अम्बरीशानन्द सरस्वती जी महाराज, मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी , देवेन्द्र पाण्डेय जी, शैलेन्द्र योगीराज जी आदि।

 

उक्त जानकारी परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

 

प्रेषक

संजय पाण्डेय-मीडिया प्रभारी।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज।

*गो प्रतिष्ठा आंदोलन – गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा*

22 सितंबर से 26 अक्टूबर 2024 तक

रायपुर, छत्तीसगढ़

17 सितम्बर 2024

रायपुर में गो ध्वज को स्थापित कर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने 7 अक्टूबर 2024 को पहुंचेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ।

सनातन धर्म में वेद, उपनिषद, पुराणों सहित समस्त धर्म शास्त्रों में गो की महिमा गई है। गाय को पशु नहीं अपितु माता की प्रतिष्ठा दी गई है यही सनातन धर्मी हिंदुओ की पवित्र भावना है, आस्था है। इसी धार्मिक आस्था हेतु संविधान एवं कानून में गाय को राज्य सूची से हटाकर केंद्रीय सूची में डालकर *गौमाता को राष्ट्रमाता* का सम्मान दिलाने तथा *गौहत्या मुक्त भारत* बनाने के लिए संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा है।

स्वतंत्रता प्राप्त से ही निरन्तर गौमाता की प्रतिष्ठा एवं रक्षा के प्रयास होते रहे है जिसमें 1966 के धर्म सम्राट यतिचक्रचूडामणि पूज्य करपात्री जी महाराज जी के नेतृत्व में हुआ प्रचलित गौरक्षा आंदोलन है जिसके लिए हजारों गौभक्तों का बलिदान हुआ था। इसी क्रम में गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाकर गोहत्या मुक्त भारत बनाने हेतु परम गोभक्त पूज्य गोपाल मणि जी ने गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का नेतृत्व कर देशभर में इसे जीवन्त रखा तथा इस पवित्र अभियान में चारो पीठों के जगद्गुरु शंकराचार्यों का आशीर्वाद प्राप्त किया। चारो पीठों के पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्यों द्वारा अभिषिंचित एवं समर्थित गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने एवं गौहत्या बंदी कानून हेतु देश में गौ संसद का आयोजन हुआ जिसमें रामा गौ प्रतिष्ठा संहिता बिल सहित 42 बिंदु का धर्मादेश भी पारित किया जा चुका है । गौ प्रतिष्ठा के इस अभियान को प्रज्वलित करने हेतु गौ घृत की ज्योति को प्रकाशित कर ज्योर्तिमठ के

परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज जी ने इस आंदोलन का निर्देशन कर रहे है जिन्होंने 14 मार्च से लेकर 28 मार्च 2024 तक नंगे पैर पदयात्रा गोवर्धन से दिल्ली तक भी की । पूज्य जगद्गुरु ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी के निर्देशन में आज गौ प्रतिष्ठा का अभियान निरन्तर देशभर में गतिमान है जिन्होंने इस संवत्सर को गौ संवत्सर के रूप में घोषित भी किया है।

पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के निर्देशन एवं नेतृत्व में संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा दिनांक 22 सितंबर से 26 अक्टूबर तक होनी निश्चित हुई है जो भारत के समस्त 37 प्रदेशों की राजधानियों तक जाएगी तथा वहां एक गो ध्वज की स्थापना की जाएगी। गो प्रतिष्ठा आंदोलन के संयोजक पूज्य गोपाल मणि जी महाराज भी पूरे समर्पण और शक्ति के साथ यात्रा की सफलता हेतु प्राण-प्रण से शंकराचार्य जी के साथ हर कदम में साथ रहेंगे। प्रत्येक राज्य की राजधानियों में विशाल गो प्रतिष्ठा सम्मेलन का दिव्य भव्य आयोजन होगा जिसका श्रीगणेश गोरक्षक, गोभक्त भगवान श्रीराम जी की राजधानी अयोध्या से होगा जहां भगवान रामलला के रूप में विद्यमान हैं जहां से यह पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर होते हुए 26 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में होगी। पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य जी द्वारा समस्त भारत के प्रखर गोभक्तो को सम्मानित भी किया जाएगा।

छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में पूज्यपाद शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी 7 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक गो ध्वज की स्थापना, गो महासभा को संबोधित करेंगे। इसके उपरांत वो अग्रिम यात्रा हेतु मध्य प्रदेश को प्रस्थान करेंगे।

इस गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा का लक्ष्य संपूर्ण भारत में गो प्रतिष्ठा आंदोलन हेतु समस्त राष्ट्र के गोभक्त हिन्दुओं को जागृत कर एक सूत्र में पिरोने का है तथा गोमाता की दुर्गति , गो हत्या के कलंक को मिटाकर कर, पशु के अपमान से हटा कर राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है।

इस गो ध्वज स्थापना पद यात्रा का सूत्रवाक्य है : गौ माता, राष्ट्र माता – राष्ट्र माता, भारत माता

गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा के उपरांत देश की राजधानी दिल्ली में गोपाष्टमी के अवसर पर 7, 8 और 9 नवंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी गो प्रतिष्ठा महासम्मेलन होगा जो भारत की सरकार को गौहत्या के कलंक को मिटाकर गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने हेतु निर्णायक होगा।

इस ऐतिहासिक यात्रा की पूर्व तैयारी हेतु आज दिनांक 17 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहुंचे ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के प्रतिनिधि एवं यात्रा के संयोजक ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी तथा सह- संयोजक गोभक्त विकास पाटनी जी, डॉ. इंदुभवानंद जी प्रभारी श्री शंकराचार्य आश्रम गोरियांकलां, प्रदेश यात्रा संयोजक ओमप्रकाश शर्मा जी, नवीन अग्रवाल जी ने भुवनेश्वर की मीडिया को संबोधित किया।

इसमें मुख्य रूप से मदन मोहन उपाध्याय, नरेंद्र गुप्ता , धर्मेंद्र त्रिपाठी , विपुल शर्मा , राजा पांडे , झनकलाल विषेन , सुनील केसरवानी , विजेंद्र तिवारी, प्रीतु शुक्ला, राजेश शुक्ला, नीलकंठ त्रिपाठी, दीपक साहू, प्रीतम साहू, अंकित तिवारी, गैंदलाल जी, राजेश पांडेय , उज्ज्वल मिश्रा, प्रदीप साहू , खेम साहू, नरेंद्र चौबे, हनुमान प्रसाद तिवारी, दीपक साहू, नंद कुमार देवांगन, एस . पी साहू, हरीश तिवारी, गिरीश जी, धनेंद्र त्रिपाठी, अविनाश विश्नोई, वरूण वर्मा, शिवम द्विवेदी , युगल साहू आदि उपस्थित थे ।

उक्त जानकारी ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय के माध्यम से प्राप्त हुई है।

प्रेषक

मीडिया प्रभारी-संजय पाण्डेय।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज।

 

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

*गो प्रतिष्ठा आंदोलन – गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा*

22 सितंबर से 26 अक्टूबर 2024 तक

 

भुवनेश्वर, ओडिशा

16 सितम्बर 2024

 

भुवनेश्वर में गो ध्वज को स्थापित कर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने पहुंचेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ।

 

सनातन धर्म में वेद, उपनिषद, पुराणों सहित समस्त धर्म शास्त्रों में गो की महिमा गई है। गाय को पशु नहीं अपितु माता की प्रतिष्ठा दी गई है यही सनातन धर्मी हिंदुओ की पवित्र भावना है, आस्था है। इसी धार्मिक आस्था हेतु संविधान एवं कानून में गाय को राज्य सूची से हटाकर केंद्रीय सूची में डालकर *गौमाता को राष्ट्रमाता* का सम्मान दिलाने तथा *गौहत्या मुक्त भारत* बनाने के लिए संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा है।

 

स्वतंत्रता प्राप्त से ही निरन्तर गौमाता की प्रतिष्ठा एवं रक्षा के प्रयास होते रहे है जिसमें 1966 के धर्म सम्राट यतिचक्रचूडामणि पूज्य करपात्री जी महाराज जी के नेतृत्व में हुआ प्रचलित गौरक्षा आंदोलन है जिसके लिए हजारों गौभक्तों का बलिदान हुआ था। इसी क्रम में गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाकर गोहत्या मुक्त भारत बनाने हेतु परम गोभक्त पूज्य गोपाल मणि जी ने गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का नेतृत्व कर देशभर में इसे जीवन्त रखा तथा इस पवित्र अभियान में चारो पीठों के जगद्गुरु शंकराचार्यों का आशीर्वाद प्राप्त किया। चारो पीठों के पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्यों द्वारा अभिषिंचित एवं समर्थित गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने एवं गौहत्या बंदी कानून हेतु देश में गौ संसद का आयोजन हुआ जिसमें रामा गौ प्रतिष्ठा संहिता बिल सहित 42 बिंदु का धर्मादेश भी पारित किया जा चुका है । गौ प्रतिष्ठा के इस अभियान को प्रज्वलित करने हेतु गौ घृत की ज्योति को प्रकाशित कर ज्योर्तिमठ के

परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज जी ने इस आंदोलन का निर्देशन कर रहे है जिन्होंने 14 मार्च से लेकर 28 मार्च 2024 तक नंगे पैर पदयात्रा गोवर्धन से दिल्ली तक भी की । पूज्य जगद्गुरू ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी के निर्देशन में आज गौ प्रतिष्ठा का अभियान निरन्तर देशभर में गतिमान है जिन्होंने इस संवत्सर को गौ संवत्सर के रूप में घोषित भी किया है।

 

पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के निर्देशन एवं नेतृत्व में संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा दिनांक 22 सितंबर से 26 अक्टूबर तक होनी निश्चित हुई है जो भारत के समस्त 37 प्रदेशों की राजधानियों तक जाएगी तथा वहां एक गो ध्वज की स्थापना की जाएगी। गो प्रतिष्ठा आंदोलन के संयोजक पूज्य गोपाल मणि जी महाराज भी पूरे समर्पण और शक्ति के साथ यात्रा की सफलता हेतु प्राण-प्रण से शंकराचार्य जी के साथ हर कदम में साथ रहेंगे। प्रत्येक राज्य की राजधानियों में विशाल गो प्रतिष्ठा सम्मेलन का दिव्य भव्य आयोजन होगा जिसका श्रीगणेश गोरक्षक, गोभक्त भगवान श्रीराम जी की राजधानी अयोध्या से होगा जहां भगवान रामलला के रूप में विद्यमान हैं जहां से यह पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर होते हुए 26 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में होगी। पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य जी द्वारा समस्त भारत के प्रखर गोभक्तो को सम्मानित भी किया जाएगा।

 

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पूज्य शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक गो ध्वज की स्थापना, गो महासभा को संबोधित करेंगे। इसके उपरांत वो अग्रिम यात्रा हेतु छत्तीसगढ़ को प्रस्थान करेंगे।

 

इस गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा का लक्ष्य संपूर्ण भारत में गो प्रतिष्ठा आंदोलन हेतु समस्त राष्ट्र के गोभक्त हिन्दुओं को जागृत कर एक सूत्र में पिरोने का है तथा गोमाता की दुर्गति , गो हत्या के कलंक को मिटाकर कर, पशु के अपमान से हटा कर राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है।

 

इस गो ध्वज स्थापना पद यात्रा का सूत्रवाक्य है : गौ माता, राष्ट्र माता – राष्ट्र माता, भारत माता

 

गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा के उपरांत देश की राजधानी दिल्ली में गोपाष्टमी के अवसर पर 7, 8 और 9 नवंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी गो प्रतिष्ठा महासम्मेलन होगा जो भारत की सरकार को गौहत्या के कलंक को मिटाकर गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने हेतु निर्णायक होगा।

 

इस ऐतिहासिक यात्रा की पूर्व तैयारी हेतु आज दिनांक 16 सितंबर 2024 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पहुंचे ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के प्रतिनिधि एवं यात्रा के संयोजक ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी तथा सह- संयोजक गोभक्त विकास पाटनी जी, प्रदेश यात्रा संयोजक ब्रह्मचारी चित्त प्रकाश जी ने भुवनेश्वर की मीडिया को संबोधित किया जिसमें Dr. बद्रीनाथ पटनायक जी, मनोज रथ जी, अजय कुमार अग्रवाल जी , अरुण कुमार उपाध्याय जी, मनोज कुमार लेंका जी , Dr. आर्य कुमार ज्ञानेंद्र जी आदि उपस्थित थे।

 

उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय के माध्यम से प्राप्त हुई है।

 

प्रेषक

संजय पाण्डेय-मीडिया प्रभारी।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज।।

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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर मचा बवाल, हरिद्वार के संतों ने घेरा, ग्रंथ पढ़ने की दी सलाह

हरिद्वार: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज द्वारा ‘भगवान शिव को कृष्ण का साला’ बताने पर संतों में भारी…

भारत माता शिक्षक रत्न सम्मान 2024 “से सम्मानित हुए चित्तौड़गढ़ भीलवाड़ा के आचार्य, छीपा और सुथार, पाली की आचार्य जयपुर की डॉ मीणा , केकड़ी की सुना व गुजरात के शैलेश भाई और नसीम बानु

  आज भारत माता अभिनंदन संगठन कर्नाटक द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह…

पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी महाराज ने जन्म शताब्दी सम्पूर्ति महोत्सव के उपलक्ष्य में सौ विशिष्ट विद्वतजनों एवं भक्तों का सम्मान किया

      वाराणसी/दिल्ली,6.9.2024 दिल्ली,काशी,ज्योतिर्मठ सहित सम्पूर्ण राष्ट्र में ब्रम्हलीन द्वयपीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती…