- एबीवीपी केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक सम्पन्न
- शिक्षा, सुरक्षा, प्राकृतिक आपदा, बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों पर पारित होंगे अधिवेशन में पारित होंगे प्रस्ताव
देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक राष्ट्रीय अधिवेशन स्थल भगवान बिरसा मुंडा नगर में सम्पन्न हो गई। बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा, समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित होने वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया।
बुधवार को स्व. राधेश्याम सभागार में आयोजित में बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डा.) राजारण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने किया। एक दिवसीय केन्द्रीय कार्य समिति बैठक में अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्तुत किए जाने वाले कुल पांच प्रस्तावों पर विमर्श हुआ जिसमें देशभर के सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं प्रमुख हितधारकों से प्राप्त सुझावों के अनुसार शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हुआ जिन्हें आगामी 28 से 30 नवम्बर को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेान में पारित किया जाएगा। राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने देशभर के शैक्षिक संस्थानों में अभाविप के जीते हुए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र संघो की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही अभाविप के विभिन्न आयाम व गतिविधियों के संयोजकों ने देशभर में किए जा रहे विशेष कार्यक्रमों को में साझा किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डा.) राजारण शाही ने कहा कि भारतीय मूल्य ही विकसित भारत की राह प्रशस्त करेंगे। बैठक में देश भर से कुल 107 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। 27 नवम्बर को अधिवेशन स्थल पर अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक होगी।

पवित्र जल कलश मुख्य सभागार में स्थापित
देहरादून। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में उनके बलिदान स्थल दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल कलश एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा अधिवेशन स्थल लाया गया। जल कलश का भव्य स्वागत के बाद उसे देश भर के प्रतिनिधियों के दर्शन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष व महामंत्री ने जनरल विपिन रावत मुख्य सभागार में स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि पविऊ जल का आगमन श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की स्मृति को युवाओं में जागृत करेगा। पवित्र जल कलश दिल्ली से होकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होते हुए देहरादून पहुंचा। यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिक एवं अभाविप कार्यकर्ताओं ने पूर्ण श्रद्धा, विनम्रता और भक्ति के साथ कलश का पूजन एवं सत्कार किया। राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म, सत्य, मानवीय अधिकारों और भारत की सनातन आत्मा की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वाेच्च त्याग किया।
