स्थानीय कलाकारों की बौद्धिक संपदा को मिलेगा संरक्षण

डीआईपीएस और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के बीच आईपी संरक्षण को लेकर एमओयू

देहरादून। कलात्मक कृतियों के बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों के संरक्षण को सशक्त बनाने के लिए दून इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस (डीआईपीएस) और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी, देहरादून के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए है। इससे स्थानीय कलाकारों की बौद्धिक संपदा को नई पहचान मिलेगी।

बल्लुपुर रोड स्थित चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी में आयोजित एक कार्यक्रम  में एमओयू को अंतिम रूप दिया गया। डीआईपीएस के आईपी डिवीजन प्रमुख डॉ. अनुज रतूड़ी ने कलाकारों को उनके रचनात्मक कार्यों की सुरक्षा के लिए कॉपीराइट के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के कलाकारों को डीआईपीएस द्वारा कॉपीराइट सहित बौद्धिक संपदा संरक्षण से संबंधित तकनीकी सहायता, परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगा।  इससे  स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के संस्थापक अरविंद गैरोला ने एम­ओयू को कलाकारों के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल कलाकारों को कानूनी सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम में डीआईपीएस के हेड मार्केटिंग राकेश डोभाल भी उपस्थित रहे।

 

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