मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ता धरने पर बैठे 

  • एनएसयूआई की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न 
देहरादून।‌ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में संगठन को मजबूत बनाने पर मंथन हुआ। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में किए गए परिवर्तन के विरोध में गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण धरना दिया।
धरने के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महात्मा गांधी का अपमान और गरीबों के अधिकारों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण गरीबों के रोजगार और सम्मान का अधिकार है। इसके नाम में बदलाव महात्मा गांधी की विचारधारा और गरीब-मजदूर विरोधी सोच को दर्शाता है। एनएसयूआई नेताओं ने सरकार द्वारा यह निर्णय तत्काल वापस न लेने और मनरेगा अधिनियम को पूर्ववत बहाल नहीं किए जाने पर प्रदेश में व्यापक जन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों और गरीब-मजदूर वर्ग की आवाज है।  और जब-जब संविधान और आम जनता पर हमला होगा एनएसयूआई सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी। इस मौके पर वैभव वालिया, सौरभ यादव (प्रदेश प्रभारी), लक्ष्यजीत (सह-प्रभारी), अजय रावत (राष्ट्रीय सचिव), प्रदीप सिंह तोमर (राष्ट्रीय संयोजक), अभय कैतुरा (प्रदेश उपाध्यक्ष),, सूरज नेगी, आयुष सेमवाल, अमन सिंह, लवदीप सिंह समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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