विकसित भारत के लक्ष्य में शिक्षा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण

  • राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न

देहरादून। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति और नीति के विषय में विस्तार से जानकारी दी।

सोमवार को आयोजित बैठक में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और विकसित भारत /2048 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके लिए आवश्यक है कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्रत्येक विकासखंड व जनपद स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति—2020 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करे। उन्होंने पाक्षिक रूप से जनपद वार राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शिक्षकों के साथ आनलाइन सेमिनार करने का सुझाव दिया जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा व भारत केंद्रित शिक्षा को धरातलीय स्तर पर क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने जनपदवार संगठन के कार्यक्रमों की समीक्षा भी की।
बैठक का संचालन प्रांतीय महामंत्री डा. अनिल नौटियाल ने किया। इस अवसर पर दून विवि के प्रो. एचसी पुरोहित ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की रूप रेखा प्रस्तुत की। श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर बीपी श्रीवास्तव ने कौशल शिक्षा पर विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर महासंघ महिला संवर्ग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. अलका सूरी, डा. पारुल दीक्षित, नीरज सैनी, नरेंद्र तोमर, संजय, जगपाल सिंह, सशाील कुमार व संजीव सैनी ने आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

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