*एस0एस0पी0 देहरादून को मिली गोपनीय सूचना पर, दून पुलिस की बडी कार्यवाही,*

 

*एस0एस0पी0 देहरादून द्वारा एस0ओ0जी0 टीम, थाना बसन्तविहार व थाना क्लेमन्टाउन की टीम को किया गया था गठित,अलग-अलग 02 गैग के 06 सदस्यों को दून पुलिस ने किया गया गिरफ्तार*

 

*गैग के 02 गुटो से भारी मात्रो में अवैध असल्हा बरामद, बडी घटना की थी योजना*

 

*गैंग के सदस्यो के वरिरूद्व पूर्व में कई अभियोेग है पंजीकृत*

 

*एस0एस0पी0 देहरादून द्वारा पुलिस टीम को नगद पुरूस्कार देने की धोषणा।*

 

*देवभूमि की आबोहवा को किसी भी दशा मे खराब नही होने दिया जायेगा- एसएसपी देहारादून*

 

वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक देहरादून को सूचना मिली की देहरादून में 02 गुटो द्वारा पूर्व से ही अपने वर्चस्व को लेकर मनमुटाव चल रहा है। जिसको लेकर दोनो गुटो द्वारा गैंगवार कर देहरादून में बडी घटना को अन्जाम दिया जा सकता है।

उक्त गैगवार की घटना पर प्रभावी कार्यवाही हेतु एस0एस0पी0 देहरादून द्वारा एस0ओ0जी0 देहरादून, थाना क्लेमन्टाउन तथा बसन्तविहार को प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

उक्त दिशा निर्देश के अनुपालन में आज दिनांक 27.11.2024 को गठित टीम द्वारा आवश्यकत सूचना संकलन कर गुट के 02 टीम में से एक टीम के 03 सदस्यो कोे थाना क्लेमन्टाउन क्षेत्रान्तर्गत आशारोडी व क्लेमन्टाउन से तथा दूसरी टीम को थाना बसन्तविहार क्षेत्रान्तर्गत इन्जिनियरिंग इन्कक्लेव से 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से कुल 01 पिस्टल 315 बोर मय 02 कारतूस व 03 तमन्चा मय 04 कारतूस बरामद किये गये। दोनो गैग के विरूद्व थाना बसन्तविहार व थाना क्लेमन्टाउन में अलग अलग 02 अभियोग पंजिकृत किये गये। गैग के अन्य सदस्यो के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही प्रचलित है। गैग के विरूक्ष समय रहते प्रभावी नही की जाती तो कुछ दिनों बडी घटना होना गैंग के गिरफ्तार सदस्यो द्वारा पूछताछ में बताया गया है। एस0एस0पी0 देहरादून द्वारा पुलिस टीम को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

 

*पूछताछ का विवरण* – पूछताछ में गैग के दोनो सदस्यो द्वारा बताया गया कि आसिफ मलिक के विरूद्व इस वर्ष 2024 में थाना क्लेमन्टाउन में धारा 307/34 भा0द0वि0 व 3/25 आर्म्स एक्ट में एक अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमें आसिफ मलिक व उसके अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी हेेतु दूसरे गैग के सदस्यों कार्तिक व अन्य के द्वारा दोनो गैग के विवाद के चलते आसिफ मलिक की गिरफ्तारी हेतु विपक्षी पक्ष का समर्थन करने लगा। उक्त प्रकरण में आसिफ मलिक की गिरफ्तारी के पश्चात आसिफ मलिक की मा0 न्यायालय से जमानत होने पर दोनो पक्षो में विवाद बड गया व दोनो पक्ष एक दूसरे से रंजिश रखने लगे। जिसके चलते गैग के द्वितीय टीम के सदस्यो द्वारा प्रथम गैग टीम के सदस्य फरमान के साथ मारपीट की गईं। जिसमें द्वितीय टीम के सदस्यो के विरूद्व थाना पटेलनगर में वादी आसिफ मलिक की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसके चलते दोनो पक्षो ने आपस में रंजिश रखतें हुये एक दूसरे के विरुद्ध बडी घटना को अन्जाम देने की योजना बनायी एवं दोनो गैग के सदस्यों द्वारा अवैध असस्लहा एकत्रित कर एक दूसरे गैग के सदस्यो के साथ बडी घटना को वर्चस्व की लडाई में अन्जाम देने की योजना बनायी जा रही थी। जिसे एस0एस0पी0 देहरादून की समय रहते सटीक रणनीत से विफल किया गया।

 

*गिरफ्तार गैंग के सदस्य-*

 

गैंग ,(A)

1ण् आसिफ मलिक पुत्र यासीन मलिक निवासी मयहू वाला माफी देहरादून उम्र 23 वर्ष

2ण् रितिक पवार पुत्र संजय पवार

बबूपुर नागली देवबंद उत्तर प्रदेश उम्र 22 वर्ष

3ण् आकाश पुत्र पवन सिंह तोमर निवासी इ 70 साकेत मेरठ उत्तर प्रदेश, उम्र 22 वर्ष

 

गैंग (B)

1. कार्तिक पुत्र अनिल निवासी सुभाष नगर थाना क्लेमनटाउन टाउन देहरादून मूल निवासी पुट्ठी धनोरा जिला बागपत उत्तर प्रदेश।

2. हिमांशु पुत्र लेट कुशल पाल सिंह निवासी न्यू राधा कृष्ण कॉलोनी सर्किट हाउस सहारनपुर उत्तर प्रदेश।

3. विराट पुत्र विनिप कुमार पचेनंडॉ मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश।

 

*अपराधिक इतिहास*

 

अभियुक्त आसिफ मलिक

1. मु0अ0सं0 158/23 धारा 307/34/506 भा0द0वि0 व धारा 25/3 आम्र्सएक्ट थाना पटेलनगर जनपद देहरादून

2. मु0अ0सं0186/23 धारा 307/120 बी0/148/504/506 भा0द0वि0 थाना बसन्तविहार देहरादून

3. मु0अ0सं0 20/24 धारा 307/34 भा0द0वि0 धारा 25/3 आम्र्सएक्ट थाना क्लेमन्टाउन देहरादून।

 

*अपराधिक इतिहास*

 

अभियुक्त हिमांशु तोमर

 

1. मु0अ0सं0 79/23 धारा 147/323/504 भा0द0वि0 थाना प्रेमनगर देहरादून

 

*पुलिस टीम एस0ओ0जी0*

 

1. निरीक्षक शंकर सिह बिष्ट

2. उ0नि0 कुन्दन राम

3. हे0का0 किरन

4. का0 ललित

5. का0 पंकज

6. का0 अमित

7. का0 विपिन

8. का0 अशिष

 

*थाना बसन्तविहार*

 

1. थानाध्यक्ष महादेव उनियाल

2. व0उ0नि0 दुर्गेेश

3. उ0नि0 पंकज महिपाल

4. अ0उ0नि0 विनय भट्ट

5. का0 अनुज

6. म0का0 निकिता

 

*थाना क्लेमन्टाउन*

 

1. उ0नि0 शोयब अली

2. कॉन्स संजय

3. कॉन्स संजय

 

*भोले भाले पहाड़ के बेरोजगार लोगों को ठगने वाले लोगों पर एसएसपी देहरादून की नजर*

 

 

*कंसल्टेंसी फर्म के संचालक व उसके सहयोगियों के विरुद्ध पुलिस ने कराया अभियोग पंजीकृत*

 

*सोशल मीडिया में वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर एसएसपी देहरादून ने दिए थे कार्यवाही के आदेश*

 

*वीडियो में अर्मेनिया में फॅसे उत्तराखंड के 02 युवकों द्वारा उत्तराखंड सरकार से उन्हें वापस बुलाने की लगाई जा रही थी गुहार*

 

*देहरादून स्थित कंसल्टेंसी फर्म द्वारा फर्जी ऑफर लेटर देकर युवकों को भेजा था विदेश*

*कोतवाली पटेलनगर*

 

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियों, जिसमें दिख रहे 02 युवकों द्वारा अपना नाम सुरजीत सिंह नेगी तथा चमन सिंह राणा निवासी टिहरी गढवाल उत्तराखण्ड बताते हुए देहरादून स्थित वर्क एब्राड कन्सलटेंसी के मालिक अंकुल सैनी द्वारा उनसे पैसे लेकर नौकरी के लिये पहले उन्हें अजर बेजान तथा बाद में अर्मानिया भेजे जाने की बात बताई गयी तथा अर्मानिया में उन्हें कोई नौकरी न मिलने तथा वहां फंसे होने के कारण उनके द्वारा उत्तराखण्ड सरकार से उन्हें वापस बुलाने की गुहार लगाई जा रही थी।

 

उक्त वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा एसओजी प्रभारी देहरादून को सम्बन्धित कन्सलटेंसी फर्म के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। एसओजी द्वारा सम्बन्धित कन्सलटेंसी एजेंसी के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से जानकारी एकत्रित की गई तो उक्त एजेंसी के संचालक द्वारा अपनी पत्नी के साथ मिलकर चन्द्रबनी श्रीराम चौक के पास उपवन एन्क्लेव में उक्त कम्पनी का ऑफिस संचालित होना प्रकाश में आया, जिस पर दिनांक: 04-10-2024 को एसओजी देहरादून तथा कोतवाली पटेलनगर की संयुक्त टीम द्वारा उपवन एन्क्लेव स्थित वर्क एब्राड कन्सलटेंसी के ऑफिस में छापेमारी की गयी।

 

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, मार्क शीट, जॉब ऑफर लैटर, पासपोर्ट, कान्ट्रैक्ट एग्रीमेंट व अन्य दस्तावेज व सामग्री प्राप्त हुई। मौके पर मौजूद कम्पनी के एच0आर0 श्रेया से पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि उक्त कन्सलटेंसी फर्म को अंकुल सैनी तथा उसकी पत्नी तराना सैनी द्वारा संचालित किया जाता है, जिनके द्वारा इन्स्टाग्राम पर Work_Abroad_Consultancyके नाम पर आई0डी0 बनाई गयी है, जिसके माध्यम से वे अलग-अलग देशों में जॉब दिलाने का वीडियों अपलोड कर सम्पर्क के लिये कम्पनी के मोबाइल नम्बर डालते हैं तथा उक्त मोबाइल नम्बरों पर संपर्क करने वाले व्यक्तियों को ऑफिस बुलाकर उनसे एग्रीमेंट कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किये जाते हैं तथा अलग-अलग देशों में जॉब दिलाने की एवज में दिये गये पैकेजों के हिसाब से उनसे पैसे अपने अकाउंट में लेकर उन्हें फर्जी जॉब ऑफर लेटर ई-मेल के माध्यम से भेजे जाते हैं।

 

उक्त कूटरचित ऑफर लेटरों को अकुंल सैनी द्वारा अपनी पत्नी तराना सैनी, उसके भाई लवि तथा एक अन्य मित्र दिव्यांशु के साथ मिलकर तैयार किया जाता है। पुलिस द्वारा मौके से बरामद साम्रगी व दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया तथा कूटरचित दस्तावेज बनाकर लोगो को विदेश भेजते हुए उनसे धोखाधड़ी करने पर अभियुक्त अंकुल सैनी, उसकी पत्नी तराना सैनी व उनके अन्य सहयोगियों के विरूद्ध कोतवाली पटेलनगर पर मु0अ0सं0: 640/24 धारा 318(4)/316(2), 338, 336(3), 340(02) तथा 61(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया है, जिसमे अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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