अवैध खनन के विरूद्ध सख्त एक्शन लेने के दिए निर्देश अवैध खनन की…
Tag: Pushkarsinghdhami
वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो में 12 तरह की ओपीडी, तैनात रहेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक
*डेलीगेट्स के साथ ही हर एक उठा सकेगा इस सुविधा का लाभ कोई…
9 हजार फिट से अधिक ऊचांई पर ड्यूटीरत होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को पुलिस कार्मिकों एवं एस०डी०आर०एफ० की भांति प्रति जवान को 200 रू. प्रतिदिन अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
*एस०डी०आर०एफ० जवानों के साथ प्रशिक्षित होमगार्ड्स को तैनाती होने पर 100 रुपए प्रति जवान…
देहरादून में 12 से 15 दिसंबर के बीच होगा नेशनल आरोग्य एक्सपो – 2024
देहरादून। देहरादून में 12 से 15 दिसंबर के बीच होने जा रहे 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो- 2024 में 40 से अधिक देशों के विशेषज्ञों सहित छह हजार से अधिक डेलीगेट्स शामिल होंगे। आयोजन में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी जैसी परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को लोकप्रिय बनाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।
हिमालय और गंगा – यमुना जैसी सदानीरा नदियों के चलते उत्तराखंड हमेशा से योग साधकों के साथ ही आयुर्वेद व अन्य परंपरागत चिकित्सा पद़धतियों के शोधार्थियों के लिए अहम पड़ाव रहा है। अब इसी क्रम में उत्तराखंड में 12 से 15 दिसंबर के बीच वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन की ओर से ‘10वां विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो- 2024’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को 40 देशों के 20 अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्पीकर के साथ ही विभिन्न सत्रों में 150 से अधिक वक्ता संबोधित करेंगे। आयोजन में छह हजार से अधिक डेलीगेट्स के सामने परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित 900 से अधिक पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके साथ ही आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी में निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए, आयुष ड्रग्स निर्माता के साथ ही बॉयर सेलर मीट का भी आयोजन किया जाएगा। अपर सचिव विजय जोगदंडे ने बताया कि आयुष मंत्रालय के सहयोग से देहरादून के परेड ग्राउंड में होने जा रहे इस एक्सपो में आमलोगों के लिए फ्री आयुष क्लीनिक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें डायबिटीज, महिला और बाल स्वास्थ्य, वृद़धावस्था, न्यूरोलॉजी, आंकोलॉजी, प्रिवेंटिव कॉर्डियोलॉजी पर निशुल्क परामर्श दिया जाएगा। यह आयोजन एक तरह से आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी का समग्र मेला साबित होगा। जिसमें प्रदेशभर से तीन लाख लोगों के सामने होने की उम्मीद है।
————————————-
*देहरादून में 10वां विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो- 2024 का आयोजन किया जाना पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। इस आयोजन के जरिए, प्रदेश के आयुष और अन्य परपरागत दवा निर्माताओं को खासकर लाभ होगा। साथ ही प्रदेश में परंपरागत चिकित्सा के जरिए भी जागरुकता पैदा होगी।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
अनुबंध को मजाक न बनाए कंपनियां, निर्धारित शर्तों के अनुसार करना होगा सफाई कार्य, नहीं तो लौटाया जाएगाः डीएम
बाकी कंपनियों को सुधार हेतु दिए आखिरी 15 दिन, सुधार न दिखा तो 53 वार्डों के लिए भी करदी जाएगी टेंडर प्रक्रिया शुरू
शीशमबाड़ा प्लांट से कूड़ा निस्तारण न होने पर संबंधित कंपनियों पर पुनः भारी अर्थदंड के निर्देश,
कंपनियों के एमडी को किया तलब उपस्थित न होने पर होगी टर्मिनेट की कार्रवाई
हिम वार्ता लाइव
देहरादून
दिनांक 26 नवम्बर 2024,
जिलाधिकारी/ प्रशासक नगर निगम सविन बंसल की अध्यक्षता में नगर निगम करने कक्ष में शहर की सफाई व्यवस्था एवं प्रकाश व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने कंपनियों को सख्त शब्दों में कहा कि कूड़ा उठान व्यवस्था को केवल बिज़नेस ना समझे यह लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन से जुड़ा हुआ विषय है जिस पर गंभीरता से कार्य किया जाना है, यदि कोई कंपनी कार्य नहीं कर पा रही है तो उसपर गंभीरता से एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनियां अनुबंध शर्तों के अनुसार अपने संसाधन बढ़ाएं, या अपने उपलब्ध संसाधनों से डबल ड्यूटी करें।
जिलाधिकारी ने कूड़ा उठान व्यवस्था में सुधार लाने जाने हेतु इकोन वेस्ट मैनेजमेंट एवं सनलाइट को 15 दिन का समय दिया, उन्होंने निर्देशित किया कि अनुबंध के अनुसार वाहन एवं मैनपॉवर लगाएं अन्यथा रूट पर डबल सर्विस दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की कूड़ा उठान व्यवस्था लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दिए गए 15 दिन में अपने प्रदर्शन में सुधार करें कम्पनियां नही तो शेष 53 वार्डों हेतु सफाई व्यवस्था हेतु टैण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी।
वहीं सफाई कंपनियों द्वारा कूड़ा उठान हेतु नगर निगम द्वारा दिए जाने वाली धनराशि बढ़ाए जाने के अनुरोध पर जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को विधिक रूप से जो करवाई है प्रस्तावित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम्पनियों को आर्थिक क्षति पंहुचाना मकसद नही हैं किन्तु सफाई व्यवस्था में लापरवाही एवं जनमानस के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। कम्पनियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार सफाई व्यवस्था करनी होगी।
जिलाधिकारी ने शीशमबाड़ा प्लांट से निर्धारित शर्तों के अनुसार कूड़ा निस्तारण न होने पर कंपनियों के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए कंपनी के उच्च स्तरीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर तलब किया। साथ ही निर्देशित किया कि यदि कंपनी के उच्चाधिकारी उपस्थित न हुए तो कंपनी पर टर्मिनेट की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने शीशमबाड़ा प्लांट में कूड़ा निस्तारण हेतु कंपनी निकोल एवं एनवायरनमेंटल टेक्नो पर अर्थदंड की करवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं शहर की प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एक अक्टूबर से अब तक 26852 लाइटों की मरम्मत की गई है. जिम कंट्रोल रूम सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर 4072 लाइट भी शामिल हैं, जिनकी मरम्मत की गई है। उन्होंने कम्पनी के प्रतिनिधि को लाईट का बैकलॉग रखने तथा मरम्मत को गई लाईटों को निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराने को निर्देशित किया।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, गौरव भसीन, अधि.अभि रचना पायल सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक एंव कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
*पौड़ी जिले की चुनखेत पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर तत्काल प्रभाव से संबंधित उत्तरदायी और जिम्मेदार अधिशासी अभियंता को निलंबित करने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश।*
*पिथौरागढ़ जिले की वासुकीनाग पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर उक्त योजना को श्रमदान घोषित कर योजना के पुनरनिर्माण के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश।*
*जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों का विशेष रूप से होगा सत्यापन : मुख्यमंत्री।*
*जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु कराई गई ट्रेनिंग एवं जागरूकता के संबंध में मुख्यमंत्री ने दिए जाँच के आदेश।*
*घरों में नलों के साथ पानी की आपूर्ति भी हो सुनिश्चित : मुख्यमंत्री।*
*जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए घरों में नलों के साथ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अगले एक महीने के अंदर ऐसे स्थान जहां पानी न पहुंच रहा हो, वहां पानी की व्यवस्था हेतु डी.पी.आर बनाकार योजना पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने एक महीने के अंदर प्रदेश भर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नलों के सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे सभी घरों को चन्हित किया जाए जहां किसी भी कारण से नल लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे स्थानों की जिओ टैगिंग के साथ पानी की आपूर्ति न होने के कारणों को भी स्पष्ट कर शासन को अवगत करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाभार्थियों तक पीने योग्य पानी पहुंचे। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिलाअधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओ को भी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु कराई गई ट्रेनिंग एवं जागरूकता के संबंध में जाँच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जांच में ट्रेनिंग करवाने वाली संस्थाओं एवं उन्हें जारी धनराशि की भी जांच की जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्तुतीकरण के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी पौड़ी जिले की चुनखेत योजना के कार्य में खराब गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चुनखेत योजना की खराब गुणवत्ता पर तत्काल प्रभाव से संबंधित गैर जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले की वासुकीनाग पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर उक्त योजना को श्रमदान घोषित कर योजना के पुनरनिर्माण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों का विशेष रूप से सत्यापन करवाया जाए। यदि कहीं भी लापरवाही या खराब गुणवत्ता पाई जाती है, तो उसपर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा राज्य में जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण भी तेजी से किया जाए। शासन से जिला समिति एवं शासन से स्वीकृत हो चुकी योजनाओं को तय समय में धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा जल जीवन मिशन में तय मानकों के अनुसार ही कार्य हो। मुख्यमंत्री ने वन भूमि के कारण बाधित कार्यों हेतु अलग से बैठक कर उनके निस्तारण के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा यह सुनिश्चित हो कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक शद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था करें।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अतर्गत अबतक कुल 14.05 लाख परिवारों को जल संयोजन से जोड़ा गया है। प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण के तहत अब तक कुल 6795 ग्रामों को प्रमाणित किया जा चुका है।
*बैठक के पहले पूरी तैयारी करके आएं अधिकारी : मुख्यमंत्री।*
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बैठक के पहले अधिकारी पूरा होमवर्क करके आए। विभागाध्यक्ष हर प्रकार के आकड़े अपने पास रखें। मुख्यमंत्री ने कहा विभाग से संबंधित हर प्रकार के आंकड़े, विश्लेषण अधिकारियों के पास होने चाहिए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना परिषद श्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, विभागीय सचिव श्री शैलेश बगौली , गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, महानिदेशक यूकास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव श्री रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी ( वर्चुअल) व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देहरादून
, जिला प्रशासन के प्रयासों से मसूरी को अब जाम से सहूलियत मिलने जा रही है। मसूरी में शटल सेवा संचालन हेतु प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। मसूरी में हाथीपावं एवं क्रिग्रेंग से शटल सेवा सचंालन हेतु नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा टैण्डर प्रक्रिया के उपरांत किंग्रेग टैक्सी एसोसिएशन का चयन किया गया है।
मसूरी में आए दिन जाम की समस्या को लेकर जिलाधिकारी सविन बसंल ने शटल सेवा प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गए थे, जिलाधिकारी ने हॉथीपंाव बैंण्ड से क्रिंगेग पार्किंग मसूरी तथा मॉल रोड का पैदल भ्रमण करते हुए यातायात व्यवस्था में सुधार लाने तथा शटल सेवा संचालन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके क्रम में उप जिलाधिकारी मसूरी एवं नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा तेजी से प्रक्रिया सम्पादित की गई जिसके फलस्वरूप इस कार्य के लिए किंग्रेग टैक्सी ऐसोसिएशन का चयन कर लिया गया है।
शटल सेवा में कैटैगिरि ए में एसयूवी, इनोवा, स्कार्पियो, आर्टिका, एक्सयूवी आदि वाहन, कैटेगिरि बी में सेडन, स्विफ्ट डिजायर, मारूति सियाज, होंडा एमेज, होडा सिटी, होंडा वर्ना, हुंडई ओरा आदि वाहन शामिल रहेंगे।
शटल सेवा वाहनों का रूट किंग्रेग पार्किंग से लाईब्रेेरी चौक मसूरी, किंग्रेंग पार्किंग से पिक्चर पैलेस मसूरी, हाथीपांव से लाईब्रेरी चौक मसूरी, हाथीपांव बैंड से पिक्चर पैलेस मॉल रोड मसूरी रहेगा।

सीबीआई से करायें स्टील फैक्ट्रियों में बिजली चोरी की जांच : रीजनल पार्टी
देहरादून राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रुड़की और काशीपुर सर्कल…

👉खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटनाओं के बाद सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए ने जारी की विस्तृत गाईडलाइन, दोषियों पर 25 हजार से 1 लाख रूपये तक का जुर्माना
👉खाद्य कारोबारियों को अपने कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहनाना होगा फोटोयुक्त पहचान पत्र, लगाने होगें सी०सी०टी०वी० कैमरे -डॉ आर राजेश कुमार
👉मीट कारोबारियों, ढाबे, होटल एवं रेस्टोरैन्ट संचालकों को अपने यहां लिखना होगा मीट हलाल का है या फिट झटका -डॉ आर राजेश कुमार
👉भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मचारी अनिवार्य रूप से पहनेंगे फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर -डॉ आर राजेश कुमार
देहरादून
उत्तराखंड में खाद्य पदार्थाें में थूक व गंदगी मिलाने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की सघन जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, जिसमें सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ 25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना के प्राबधान किया गया है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस एवं अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट एवं अन्य गन्दी चीजों की मिलावट के प्रकरण प्रकाश में आये हैं। यह खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना व उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता एवं सफाई सम्बंधी अपेक्षायें का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।
*स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से हो पालन*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों के तहत दण्डित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आम जनता को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैण्टीन, फूड वेन्डिंग एजेन्सीज, फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेण्डर्स इत्यादि द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु प्राविधान हैं। जिसको लेकर टीमें लगतार छापेमारी अभियान चला रही हैं। सैंपलिंग भरी जा रही हैं जांच में दोषी पाये जाने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
*खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी पर एक नजर…*
(1) एसओपी के बारे में जारकारी देते हुए आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।
(2) खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों को हेन्डल करते समय धूम्रपान, थूकना आदि व डेयरी (दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ) उत्पादों को प्रयोग में लाये जाने से पूर्व व छूने से पूर्व नाक खुजाना बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि हैण्ड हैबिट पर नियंत्रण रखें। इन आदतों से खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण के दृष्टिगत यह नियमों के विरूद्ध है।
(3)-संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण / वितरण स्थलों पर कदापि नियोजित न करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबारकर्ताओं का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिको की सूची चिकित्सकीयप्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराने का प्राविधान है। अतः सभी अनुज्ञप्तिधारकों / पंजीकरणधारकों द्वारा तदनुसार विनियम के अनुपालन में अपने समस्त खाद्य कार्मिकों की सूची उनके चिकित्सकीय प्रमाण-पत्रों के साथ कार्यस्थल/प्रतिष्ठान में सदैव रक्षित करना अनिवार्य होगा।
(4)-विगत दिनों हुई उपरोक्त घटनाओं के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्यरूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा, जिसे कार्यस्थल पर प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना सुनिश्चित किया जायेगा।
(5)-स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले कार्मिकों/परोसने वाले कार्मिकों/खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले कार्मिकों कोकार्यस्थल पर थूकने एवं अन्य किसी भी प्रकार की गन्दगी फैलाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। उक्त विनियम में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किये जाने पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन रू0 25,000 से रू0 1,00,000 तक अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा।
(6)- उपरोक्त विनियम में वर्णित अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य परिसर में उत्पादित अथवा तैयार की गयी किसी खाद्य सामग्री को मल, मूत्र, थूक अथवा किसी अन्य दूषित पदार्थ से प्रभावित युक्त नहीं किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार के लिये अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम 2011 का विनियम-2.1.2 (5) अनुसूची, 3
(1) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता प्रारूप-ग में जारी अनुज्ञप्ति की एक साफ, प्रमुख स्थान पर पठनीय प्रति चस्पा करेगा।
(2) प्रत्येक अनुज्ञप्ति धारी यह सुनिष्चित करेगा कि विनिर्दिष्ट उत्पादन से भिन्न अन्य किसी उत्पाद का उत्पादन नही किया जायेगा।
(3) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।
अन्य दिशा-निर्देश-
(1)- अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त किये बिना कारोबार कर रहे खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही कर उन्हें तत्काल अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण से आच्छादित किया जाए। (एफ०एस०एस०एक्ट, 2006 की धारा-58 एवं 63)
(2)- समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों यथा ढाबों / होटलों / रेस्टोरेंट्स आदि में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था की जाए।
(3) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पत्र दिनांक 26.12.2022 के अनुपालन में प्रत्येक मीट विक्रेता, मीट कारोबारकर्ता, होटल एवं रेस्टोरैन्ट विक्रय/प्रस्तुत किये जा रहे मीट एवं मीट उत्पाद के प्रकार यथा हलाल अथवा झटका, का अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण करेगें। उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन खाद्य कारोबारकर्ता का स्वयं का तथा अपने प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा कराये जाने का दायित्व खाद्य कारोबारकर्ता का होगा। उपर्युक्त निर्देशों का प्रदेश के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया एवं कराया जायेगा। अनुपालन न किये जाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं तत्सम्बन्धी विनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी की पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का किया विमोचन।
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक, देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में उत्तराखण्ड…