विगत दिनों से जिलाधिकारी को प्राप्त हो रही थी, मण्डी परिषद कार्यालय की शिकायत।

 

औचक निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी को मिला 19 कार्मिक अनुपस्थित।

 

10:15 बजे तक एक ही कर्मचारी कार्यालय में थे उपस्थित।

 

अनुपस्थित कार्मिकों की वेतन रोकने हेतु डीएम को पत्रावली अग्रसारित।

 

डीएम का कड़ी निर्देश लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर होगी कार्रवाई।

 

जनमानस को तत्परता से सेवा न देने वाले कार्मिकों पर रहेगी कड़ी निगरानी : डीएम।

 

देहरादून। दिनांक 4नवंबर 2024, (सू0वि0का0)

 

जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के दिशा निर्देशन के अनुपालन में आज उपजिलाधिकारी सदर ने शहर में अवस्थित कृषि उत्पादन मण्डी परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। प्रातः 10:15 बजे तक कार्यालय में मात्र एक ही कर्मचारी प्रदीप कुमार पर्यवेक्षक उपस्थित पाए गए, जबकि अधिकारी सहित 19 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।

अनुपस्थित कार्मिकों की वेतन रोकने हेतु उपजिलाधिकारी हर गिरी ने पत्रावली बनाकर, जिलाधिकारी को प्रेषित किया।

जिलाधिकारी को आये दिन कृषि उत्पादन मण्डी परिषद कार्यालय की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। अधिकारी कर्मचारियों के मनमानी के चलते कार्यालय में हो रहे थे,जनमानस परेशान।

जिलाधिकारी के जनपद में अवस्थित कार्यालय में तैनातअधिकारी/कर्मचारियों को कड़ी दो टूक कार्यालयों में जनमानस नहीं होनी चाहिए परेशान, शिकायत मिलने पर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई।

 

उत्तरकाशी मे पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने एवं धारा 163 BNSS के पालन करने की अपील की

    उत्तरकाशी जनपद में कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने, जिला प्रशासन द्वारा लागू धारा…

 

👉खाद्य पदार्थों में थूक और गंदगी मिलाने की घटनाओं के बाद सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए ने जारी की विस्तृत गाईडलाइन, दोषियों पर 25 हजार से 1 लाख रूपये तक का जुर्माना

 

👉खाद्य कारोबारियों को अपने कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहनाना होगा फोटोयुक्त पहचान पत्र, लगाने होगें सी०सी०टी०वी० कैमरे -डॉ आर राजेश कुमार

 

👉मीट कारोबारियों, ढाबे, होटल एवं रेस्टोरैन्ट संचालकों को अपने यहां लिखना होगा मीट हलाल का है या फिट झटका -डॉ आर राजेश कुमार

 

👉भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मचारी अनिवार्य रूप से पहनेंगे फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर -डॉ आर राजेश कुमार

देहरादून

उत्तराखंड में खाद्य पदार्थाें में थूक व गंदगी मिलाने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की सघन जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, जिसमें सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

*25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना* 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ 25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना के प्राबधान किया गया है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस एवं अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट एवं अन्य गन्दी चीजों की मिलावट के प्रकरण प्रकाश में आये हैं। यह खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना व उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता एवं सफाई सम्बंधी अपेक्षायें का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।

 

*स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से हो पालन* 

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों के तहत दण्डित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आम जनता को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैण्टीन, फूड वेन्डिंग एजेन्सीज, फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेण्डर्स इत्यादि द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु प्राविधान हैं। जिसको लेकर टीमें लगतार छापेमारी अभियान चला रही हैं। सैंपलिंग भरी जा रही हैं जांच में दोषी पाये जाने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।

 

*खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी पर एक नजर…*

 

(1) एसओपी के बारे में जारकारी देते हुए आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।

 

(2) खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों को हेन्डल करते समय धूम्रपान, थूकना आदि व डेयरी (दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ) उत्पादों को प्रयोग में लाये जाने से पूर्व व छूने से पूर्व नाक खुजाना बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि हैण्ड हैबिट पर नियंत्रण रखें। इन आदतों से खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण के दृष्टिगत यह नियमों के विरूद्ध है।

 

(3)-संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण / वितरण स्थलों पर कदापि नियोजित न करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबारकर्ताओं का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिको की सूची चिकित्सकीयप्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराने का प्राविधान है। अतः सभी अनुज्ञप्तिधारकों / पंजीकरणधारकों द्वारा तदनुसार विनियम के अनुपालन में अपने समस्त खाद्य कार्मिकों की सूची उनके चिकित्सकीय प्रमाण-पत्रों के साथ कार्यस्थल/प्रतिष्ठान में सदैव रक्षित करना अनिवार्य होगा।

 

(4)-विगत दिनों हुई उपरोक्त घटनाओं के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्यरूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा, जिसे कार्यस्थल पर प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना सुनिश्चित किया जायेगा।

 

(5)-स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले कार्मिकों/परोसने वाले कार्मिकों/खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले कार्मिकों कोकार्यस्थल पर थूकने एवं अन्य किसी भी प्रकार की गन्दगी फैलाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। उक्त विनियम में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किये जाने पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन रू0 25,000 से रू0 1,00,000 तक अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा।

 

(6)- उपरोक्त विनियम में वर्णित अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य परिसर में उत्पादित अथवा तैयार की गयी किसी खाद्य सामग्री को मल, मूत्र, थूक अथवा किसी अन्य दूषित पदार्थ से प्रभावित युक्त नहीं किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार के लिये अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम 2011 का विनियम-2.1.2 (5) अनुसूची, 3

 

(1) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता प्रारूप-ग में जारी अनुज्ञप्ति की एक साफ, प्रमुख स्थान पर पठनीय प्रति चस्पा करेगा।

(2) प्रत्येक अनुज्ञप्ति धारी यह सुनिष्चित करेगा कि विनिर्दिष्ट उत्पादन से भिन्न अन्य किसी उत्पाद का उत्पादन नही किया जायेगा।

(3) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।

 

अन्य दिशा-निर्देश-

(1)- अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त किये बिना कारोबार कर रहे खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही कर उन्हें तत्काल अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण से आच्छादित किया जाए। (एफ०एस०एस०एक्ट, 2006 की धारा-58 एवं 63)

(2)- समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों यथा ढाबों / होटलों / रेस्टोरेंट्स आदि में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था की जाए।

(3) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पत्र दिनांक 26.12.2022 के अनुपालन में प्रत्येक मीट विक्रेता, मीट कारोबारकर्ता, होटल एवं रेस्टोरैन्ट विक्रय/प्रस्तुत किये जा रहे मीट एवं मीट उत्पाद के प्रकार यथा हलाल अथवा झटका, का अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण करेगें। उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन खाद्य कारोबारकर्ता का स्वयं का तथा अपने प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा कराये जाने का दायित्व खाद्य कारोबारकर्ता का होगा। उपर्युक्त निर्देशों का प्रदेश के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया एवं कराया जायेगा। अनुपालन न किये जाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं तत्सम्बन्धी विनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

*डीएम/प्रशासक ने ईईएसएल से छिना स्ट्रीटलाईटों के मरम्मत एवं रखरखाव कार्य, बैठक के चन्द दिनों के भीतर ही स्पष्ट आदेश जारी।* 

 *अब नगर निगम खुद करेगा स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत,*

*मंगलवार 08 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे नगर निगम परिसर से रवाना होंगी वार्डवार मय वाहन 35 टीमें*

देहरादून दिनांक 07 अक्टूबर 2024,

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सम्पूर्ण व्यवस्था आंकलन के पश्चात अपने संकल्प को कायम रखते हुए *शहर की स्ट्रीट लाईटों की मरम्मत की जिम्मेदारी अब नगर निगम को* दे दी है,एक ही शाम में ईईएसएल से यह कार्य वापस लिया गया है जिसका आदेश जारी कर दिया गया है। *नई लाईट लगाने का कार्य फिलहाल दिसम्बर 2024 तक ईईएसएल के पास ही रहेगा।* बहरहॉल *बैकअप में डीएम के निर्देशानुसार निगम नई लाईट/उपकरण का रेट कान्टेªक्ट भी करेगा।

 नगर निगम देहरादून क्षेत्र में खराब बहुताधिक संख्या में खराब स्ट्रीटलाईट मरम्मत न होने की शिकायतें प्राप्त हो रही है,* थी जिस पर सम्बन्धित *कम्पनी द्वारा रिस्पांस न किये जाने पर इसका 3-4 हजार तक का बैकलॉग आ गया।* जबकि *अनुबन्ध के अनुसार कम्पनी को शिकायत प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर मरम्मत किये जाने का प्राविधान है।

 कम्पनी की कार्यप्रणाली को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित कम्पनी के सीईओ को तलब करते हुए फटकार लगाई* तथा विधिक कार्यवाही की चेतावनी जारी की। *कम्पनी का कॉल सेन्टर, पैमेंट सेल, दून से सैकड़ो मील दूर दिल्ली में होने से कार्यों में पारदर्शिता न होने के कारण, व्यवस्था में सुधार नही आ रहा था* तथा *जिम्मेदारी व जवाबदेही नगर निगम की बन रही थी, जिससे आमजनमानस में नगर निगम की छवि खराब हो रही थी।

 डीएम ने व्यवस्था न सुधरने पर कम्पनी से मरम्मत कार्य वापस लेकर कर दिया एक ही दिन में निर्णय।

 *स्ट्रीट लाइटों की खराबी की शिकायतों के बैकलॉग को शीघ्रातिशीघ्र निस्तारित करने को नगर निगम परिसर से 35 टीमे मयवाहन रोस्टरवार वार्ड में जाकर स्ट्रीट लाईटें की मरम्मत कार्य करेंगी।*

*टीमों की प्रतिदिन प्रातः एवं कार्य निष्पादन के बाद वापस नगर निगम परिसर में एकत्रित होंगी सभी टीमें- लगेगी हाजरी होगी।*

 

 

 

 

*प्रथम चरण में चिन्हित 15 स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे 22 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे*

 

*बाजार में व्यापारियों महिलाओं, आगन्तुकों की सुरक्षा की दृष्टिगत डीएम ने निरीक्षण के दौरान दिए थे सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश*

*देहरादून दिनांक 06 अक्टूबर 2024,* जिलाधिकारी सविन बंसल ने पल्टन बाजार में व्यापारियों एवं महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टिगत व्यापारियों द्वारा लंबे समय से सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की जा रही थी जिस पर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पुलिस विभाग से प्रस्ताव प्रस्तुत होते ही जिलाधिकारी ने रुपए 1205606 मात्र की धनराशि जारी कर दी है। इससे पूर्व महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पिंक बूथ स्थापित कर लिया गया है, डीएम ने अनटाइड फंड जारी की थी धनराशि।

 

मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी की पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का किया विमोचन।

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक, देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में उत्तराखण्ड…

पत्रकार योगेश डिमरी प्रकरण में सुनील गंजे की हुई गिरफ्तारी 

    क्राइम रिपोर्टिंग हिम वार्ता लाइव डेस्क *कोतवाली ऋषिकेश*   दिनाँक 01-09-24 को इन्दिरा नगर…

एक पेड़ मां के नाम अभियान को आगे बढ़ा रही ‘सोसाइटी फॉर इनवायरमेंट एंड रूरल डेवलपमेन्ट’ संस्था

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शिक्षा से शिखर तक एनजीओ की अध्यक्ष रजनी जोशी कर रही है सरहनीय कार्य पहाड़ों पर मूलभूत सुविधाओं से जोड़ रही है छात्र छात्राओं को

देहरादून/लैंसडौन शिक्षा से शिखर तक एनजीओ मे सभी बच्चो को शिक्षाधार से निरन्तर जोड़ने के प्रयास…

कैबिनेट द्वारा राज्य के चार धाम व अन्य प्रमुख मन्दिरों के नाम से ट्रस्ट या समिति गठित किये जाने के विरूद्ध कठोर विधिक प्राविधान किये जाने का निर्णय

  देहरादून मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरूवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य…