- बाल श्रम को लेकर जिला प्रशासन हुआ सख्त
- सात बाल श्रमिकों का रेस्क्यू
- सात प्रतिष्ठानों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में व्यापक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर गठित टीमों द्वारा एक साथ सघन निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार श्रम विभाग ने पुलिस विभाग, डीटीएफ टीम एवं अन्य गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें सुबह से ही एक्शन में दिखी। उन्होंने शहर के विभिन्न बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-ढाबों, वर्कशॉपों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की तलाश की।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जिला प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों से उनका बचपन व शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, बाल श्रम गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अभियानों को आगे भी नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। उन्होंने समाज से भी अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं। अभियान के तहत थाना विकासनगर अन्तर्गत नौ संस्थानों पर छापेमारी की गई और दो बाल श्रमिक रेस्क्यू किए गए। थाना पटेलनगर अन्तर्गत 12 संस्थानों पर छापेमारी कर तीन और थाना सहसपुर अन्तर्गत दो संस्थानों पर छापेमारी दो बाल श्रमिक रेस्क्यू किए गये। कुल 23 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के बाद प्रतिष्ठानों के स्वामियों के विरूद्ध सम्बन्धित थानों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को कार्यरत पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ की गई। टीमों ने मौके पर श्रम कानूनों और बाल अधिकारों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की।