देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में नए एमबीए विद्यार्थियों के इंडक्शन कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रबंधन शिक्षा के साथ बदलती तकनीक, नवाचार और भविष्य की कार्य संस्कृति की संभावनाओं से परिचित कराया गया। रोचक गतिविधियों और खेलों के माध्यम से नए विद्यार्थियों के बीच संवाद और आपसी परिचय का माहौल भी तैयार किया गया।
कार्यक्रम में सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की कार्यशैली और कारोबारी दुनिया को भी तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नेतृत्व उन्हीं युवाओं के हाथों में होगा, जो तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार की क्षमता, मानवीय संवेदनाओं और दूरदर्शी सोच को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और सीखने की निरंतर प्रक्रिया को अपनी आदत बनाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए तकनीक को समझने के साथ-साथ बेहतर निर्णय क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करना भी जरूरी है।यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे वे अपनी क्षमताओं को विकसित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।इंडक्शन कार्यक्रम में आयोजित आइस-ब्रेकिंग सत्र ने नए विद्यार्थियों को एक-दूसरे से घुलने-मिलने का अवसर दिया। इसके अलावा पास द हूप, चिट बाउल और दमशराज जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल और मनोरंजक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों की झिझक दूर हुई और उनमें टीम भावना एवं संवाद कौशल को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम ने नए विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालयी जीवन की शुरुआत को यादगार बना दिया।
