- बच्चों ने भैलो जलाकर किया नृत्य
देहरादून। सुदूरवर्ती राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अखंडवाली भिलंग रायपुर में अध्यापकों ने छात्रों संग ईगास बग्वाल मनाई। इस मौके पर शिक्षक अंजना ने बच्चों के साथ मिलकर मनमोहक रंगोली सजाई।
शुक्रवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश घिल्डियाल ने इगास बग्वाल पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब श्री राम वन से वापस अयोध्या लौटे तो अयोध्या वासियों ने उनका भव्य स्वागत किया जिसे हम दीपावली के रूप में मनाते हैं, लेकिन पहाड़ों पर लोगों को इसकी सूचना 11 दिन बाद मिली। इसलिए पहाड़ में लोगों ने दीपावली अर्थात ईगास बग्वाल 11 दिन बाद मनाई। दूसरी कहानी के अनुसार टिहरी के राजा के सेनापति माधो सिंह भंडारी जब तिब्बत पर विजय प्राप्त करने गए थे तो उनको वापस दीपावली पर लौटना था, लेकिन वह नहीं लौट सके। वह दीपावली से 11 दिन बाद वापस लौटे उनके आने की खुशी में लोगों ने ईगास बग्वाल मनाई । इसके बाद सभी बच्चे और अध्यापक गाय और बैल को पिंडा देने गांव में गए। उसके बाद सभी बच्चों ने भैलो जलाकर नृत्य किया। अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाएं रखने का एक छोटा सा प्रयास।