– एसबीपीएस का छात्र है प्राकाम्या
देहरादून। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के दम पर देहरादून के प्रकाम्या शुक्ला ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी भी बाधा की मोहताज नहीं होती। कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 83.6 प्रतिशत अंक हासिल कर उन्होंने न केवल अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
25 जनवरी 2009 को जन्मे प्रकाम्या विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की श्रेणी में आते हैं। बावजूद इसके उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने हर चुनौती को स्वीकार किया और उसे अपनी ताकत में बदलते हुए लगातार आगे बढ़ते रहे। प्रकाम्या की प्रारंभिक शिक्षा बचपन प्ले स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक ड्रोना’स स्कूल में अध्ययन किया और वर्तमान में एसबीपीएस में पढ़ाई कर रहे हैं। अलग-अलग शैक्षणिक माहौल में खुद को ढालते हुए उन्होंने सीखने की अपनी ललक को बनाए रखा। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी रुचियाँ भी काफी विविध हैं। उन्हें ड्राइंग का विशेष शौक है, जिसमें वे अपनी कल्पनाओं को रंगों के जरिए व्यक्त करते हैं। कंप्यूटर के प्रति उनकी जिज्ञासा उन्हें तकनीकी दुनिया से जोड़ती है, जबकि बैडमिंटन खेलने से वे खुद को ऊर्जावान बनाए रखते हैं। इन सभी गतिविधियों के बीच संतुलन बनाना उनकी बड़ी उपलब्धि है। उनके पिता प्रदीप शुक्ला सचिवालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता रंजना शुक्ला गृहिणी हैं। परिवार का सहयोग और स्नेह उनकी सफलता की मजबूत आधारशिला रहा है। दादा-दादी का आशीर्वाद भी उन्हें निरंतर प्रेरणा देता है। विनम्र और सकारात्मक स्वभाव के प्रकाम्या प्रकृति से गहरा लगाव रखते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने के लिए उत्साहित रहते हैं। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
