- ई-20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा भी मानकों के अनुरूप, अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
देहरादून। उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की निर्धारित मात्रा और मानक गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए जिला पूर्ति विभाग ने पेट्रोल पंपों के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने एक पेट्रोल पंप का आकस्मिक निरीक्षण कर स्टॉक, माप व्यवस्था और ईंधन की गुणवत्ता की विस्तृत जांच की।
निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप परिसर में स्थापित भूमिगत टैंकों में उपलब्ध पेट्रोल और डीजल के वास्तविक स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण से मिलान किया गया। जांच में भौतिक स्टॉक और अभिलेखों में दर्ज स्टॉक में समानता पाई गई। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल वितरण करने वाले सभी नोजलों की माप भी की गई। जांच में सभी नोजलों से निर्धारित मानकों के अनुरूप मात्रा में ईंधन वितरित होना पाया गया।
अधिकारियों ने ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की। जांच में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। टीम ने ईंधन की गुणवत्ता, माप व्यवस्था और स्टॉक रखरखाव से संबंधित अन्य अभिलेखों का भी परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप प्रतिनिधि प्रशांत रावत मौजूद रहे और उन्होंने जांच प्रक्रिया में विभागीय टीम को आवश्यक सहयोग दिया।
जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद के सभी पेट्रोल पंपों का औचक एवं नियमित निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल निर्धारित मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता के साथ उपलब्ध हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंधन की मात्रा, गुणवत्ता अथवा स्टॉक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति विभाग के अनुसार, नियमित निरीक्षण अभियान के जरिए पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ ही उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।