बैडमिंटन कोर्ट से बोर्ड परीक्षा तक, शांभवी रौथान बनीं मेहनत और हौसले की मिसाल

– एसबीपीएस की छात्रा शांभवी रौथान ने बोर्ड परीक्षा में हासिल किए 83% अंक 

देहरादून

कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों तो मुश्किल रास्ते भी मंज़िल तक पहुंचा देते हैं। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल की छात्रा शांभवी रौथान ने अपनी मेहनत, संघर्ष और अनुशासन से इसी बात को सच साबित कर दिखाया है। एक हाथ में रैकेट और दूसरे हाथ में किताबें लेकर शांभवी ने वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

कक्षा 12वीं की छात्रा शांभवी ने CBSE बोर्ड परीक्षा में 83.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शिक्षा के क्षेत्र में शानदार सफलता हासिल की। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ अंकों तक सीमित नहीं है। सुबह की कड़ी प्रैक्टिस, घंटों पसीना बहाना और फिर देर रात तक पढ़ाई करना — यही उनकी दिनचर्या रही। संघर्षों और चुनौतियों के बीच भी उन्होंने कभी अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। बैडमिंटन कोर्ट पर भी शांभवी ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। योनेक्स सनराइज ऑल इंडिया रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वहीं 24वीं उत्तराखंड राज्य बैडमिंटन चैंपियनशिप और ईस्ट ज़ोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि शांभवी हमेशा से मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन बलूनी ने कहा कि शांभवी की सफलता सिर्फ विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। आज शांभवी की कहानी हर उस बच्चे को उम्मीद देती है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो खेल और पढ़ाई दोनों में सफलता हासिल की जा सकती है।

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