मणिपाल हॉस्पिटल ने डायलिसिस मरीजों को दिया बेहतर जीवन का भरोसा, आयोजित किया पेशेंट समिट

देहरादून/कोलकाता। क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के बढ़ते मामलों के बीच मरीजों को जागरूक करने और उन्हें उपचार से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मणिपाल हॉस्पिटल ने डायलिसिस पेशेंट समिट का आयोजन किया। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी की इस विशेष पहल में 50 से अधिक डायलिसिस मरीजों, किडनी प्रत्यारोपण करा चुके मरीजों, उपचार की प्रतीक्षा कर रहे लोगों और उनके देखभालकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद कर सकें, अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें और अन्य मरीजों के अनुभवों से प्रेरणा ले सकें। समिट का संचालन नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अर्घ्य मजूमदार और निदेशक एवं क्लिनिकल लीड डॉ. उपल सेनगुप्ता ने किया। इस अवसर पर सलाहकार यूरोलॉजिस्ट डॉ. बस्तब घोष भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद किडनी स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों की पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें किडनी रोगों से जुड़ी भ्रांतियों, समय पर जांच, डायलिसिस प्रक्रिया, किडनी प्रत्यारोपण और उपचार के दौरान सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने मरीजों को संतुलित आहार, नियमित दवाओं के सेवन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। मरीजों की सुविधा के लिए डायटेटिक्स, फिजियोथेरेपी, मनोविज्ञान, डायलिसिस सेवाओं और पेरिटोनियल डायलिसिस से जुड़ी विशेषज्ञ टीमों ने विशेष कियोस्क लगाए। इन कियोस्क के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों ने विशेषज्ञों से व्यक्तिगत परामर्श प्राप्त किया।समिट में मरीजों की संघर्ष और सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें उपचार के दौरान धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखने वाले मरीजों को सम्मानित किया गया। डॉ. अर्घ्य मजूमदार ने कहा कि किडनी रोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए मरीजों में जागरूकता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. उपल सेनगुप्ता ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण कई मरीजों के लिए बेहतर जीवन गुणवत्ता का माध्यम बन सकता है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और समय पर निर्णय लेना आवश्यक है। मणिपाल हॉस्पिटल ढाकुरिया के हॉस्पिटल डायरेक्टर दिलीप कुमार रॉय ने कहा कि किडनी रोग केवल मरीज ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। ऐसे कार्यक्रम मरीजों को मानसिक मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। समिट का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें मरीजों और देखभालकर्ताओं ने विशेषज्ञों से अपने अनुभव साझा किए। मणिपाल हॉस्पिटल ने इस पहल के जरिए किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर जीवन के लिए सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *