महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण ही विकास की वास्तविक आधारशिला

  • राज्यपाल ने माउंटेन्स आफ लेबर, करन्ट्स आफ चेंज-वुमैंस लाइवलीहुड एंड इकोनमिक ट्रांजिशंस इन द हिमालयन रीजन एंड उत्तराखण्ड’ पुस्तक का किया विमोचन 

देहरादून। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने शनिवार को राजभवन में माउंटेन्स आफ लेबर, करन्ट्स आफ चेंज-वुमेंस लाइवलीहुड एंड इकोनमिक ट्रांजिशंस इन द हिमालयन रीजन एंड उत्तराखण्ड’ पुस्तक का विमोचन किया। भारतीय हिमालयी क्षेत्र में महिलाओं की आजीविका और आर्थिक परिवर्तन पर आधारित यह पुस्तक दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. राजेन्द्र पी ममगाईं एवं श्रुति ढौंडियाल द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई है।
वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च पर आधारित यह शोध उत्तराखण्ड के छह जिलों के 90 परिवारों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। अध्ययन में मात्रात्मक आंकड़ों के साथ—साथ साक्षात्कारों, समूह चर्चाओं और क्षेत्रीय अवलोकन से प्राप्त जानकारियों को भी सम्मिलित किया गया है। पुस्तक के विमोचन अवसर पर राज्यपाल ने लेखकों और दून  विश्वविद्यालय की शोध टीम को बधाई दी। उन्होंने  कहा कि यह अध्ययन वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च पहल की भावना को साकार करता है, जिसका उद्देश्य उत्तराखण्ड की स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित प्रभावी और व्यावहारिक शोध को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक न केवल महिला सशक्तीकरण को नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि नीति—निर्माण के क्षेत्र में भी उपयोगी साबित होगी।
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण ही विकास की वास्तविक आधारशिला है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह अनिवार्य है कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की अग्रदूत बनें। इस अवसर पर अपर सचिव रीना जोशी, दून विश्वविद्यालय की प्रो स्वाति बिष्ट, रजिस्ट्रार दुर्गेश डिमरी, विवेक ममगाईं उपस्थित रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *