देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपने जा रही उत्तराखंड महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को मंगलवार को पुलिस ने ब्राह्मणवाला चौक पर रोक दिया। ज्योति रौतेला के नेतृत्व में निकले इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
आईएसबीटी से पहले लगाए गए बैरिकेड्स के पास आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने ‘प्रधानमंत्री गो बैक’ के नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्योति रौतेला समेत सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान ज्योति रौतेला ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय में हो रही देरी और सीबीआई जांच की धीमी गति पर सवाल उठाए। रौतेला ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, शिक्षा के व्यापारीकरण, अवैध खनन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों को भी उठाया। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कमी से आम जनता, होटल और पर्यटन कारोबार पर पड़ रहे असर तथा आगामी चारधाम यात्रा को लेकर चिंता जताई गई। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीव हमलों की बढ़ती घटनाओं को भी उन्होंने गंभीर समस्या बताया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। प्रदर्शन में आशा मनोरमा शर्मा, शोभा बडोनी और रुचि रौतेला समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं।
