– दो साथी भी दबोचे गए, एक बदमाश फरार
– तीन तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की कार बरामद
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने रविवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस पर फायरिंग करने वाले कुख्यात शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके दो साथियों को भी पुलिस ने दबोच लिया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर की रेनॉल्ट क्विड कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि गाबा चौक और पुलभट्टा फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ डिबडिबा क्षेत्र से गुजरने वाला है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाफरपुर कट के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।पुलिस ने जब संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया तो आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए। पुलिस ने पीछा किया तो यूनिटी लॉ कॉलेज के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद चारों बदमाश खेतों की ओर भाग गए और पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद सुमित राठौर और चंदन लाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस लगातार कांबिंग अभियान चला रही है। घायल जितेंद्र चौधरी को उपचार के लिए जिला अस्पताल रुद्रपुर में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, फायरिंग, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वह हाल ही में हुए गाबा चौक और पुलभट्टा फायरिंग कांड का भी मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में गैंगवार, रंगदारी और संगठित अपराध में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
