लोक हास्य दिवस पर सजेगा संस्कृति और सम्मान का मंच, चार विभूतियों को मिलेगा ‘घन्ना भाई सम्मान’

देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोक हास्य परंपरा को संरक्षित, प्रोत्साहित और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से घन्ना भाई फाउंडेशन की ओर से 4 अगस्त को लोक हास्य दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में लोक संस्कृति, हास्य कला और सामाजिक मूल्यों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हास्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। संस्था लंबे समय से उत्तराखंड की लोक हास्य परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली चार विशिष्ट हस्तियों को प्रतिष्ठित ‘घन्ना भाई सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शिक्षा, स्वास्थ्य, कला एवं संस्कृति तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाएगा। आयोजन का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली पर आधारित विशेष लोक हास्य नाटक का मंचन होगा। इसके अलावा प्रदेश के नवोदित हास्य कलाकारों, कॉमेडियन और रंगकर्मियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि नई प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिल सके। इस सांस्कृतिक आयोजन में साहित्य, रंगमंच, संगीत, कला और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, वरिष्ठ कलाकार, साहित्यकार, संगीतकार, रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता भी भाग लेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक हास्य परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। फाउंडेशन का कहना है कि बदलते समय में पारंपरिक लोक हास्य विधाएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। ऐसे में लोक कलाकारों को सम्मान, प्रोत्साहन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। संस्था का संकल्प है कि उत्तराखंड की लोक हास्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाए और लोक कलाकारों को निरंतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

घन्ना भाई फाउंडेशन ने प्रदेशवासियों, कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों से लोक हास्य दिवस के इस विशेष आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है, ताकि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और हास्य परंपरा के संरक्षण का यह अभियान और अधिक मजबूत बन सके।

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