- सीटू से संबध उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का राज्य सम्मेलन सम्पन्न
देहरादून। सीटू से संबध उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन सम्पन्न हो गया। सम्मेलन में शिवा दुबे को अध्यक्ष व लोकेश महामंत्री चुनी गई। काँवली रोड स्थित पूरनचंद मेमोरियल हाल में सीटू प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, महामंत्री महेन्द्र जखमोला, सचिव लेखराज कि उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई कार्यकारणी का चुनाव किया गया जिसमे शिवा दुबे को तीसरी बार अध्यक्ष चुना गया इसके अलावा उपाध्यक्ष रंजना, लक्ष्मी नेगी, महामंत्री लोकेश, कोषाध्यक्ष कलावती चंदोला, सचिव सुनीता चौहान, विजय लक्ष्मी के साथ ही कार्यकारणी सदस्यों में प्रमिला, सुरेंद्रा, अनीता अग्रवाल, नीरज यादव, प्रभा, किरण खरोला, कांता, सरिता नौटियाल, नीमा जोशी, भगवती देवी, मंजू गोड़, निर्मला जोशी, लता सिंह पाल, मालती भट्ट, कांति रावत, रौशनी राणा चुने गये।
इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने सम्मेलन में यूनियन कि रिपोर्ट रखी जिस पर विभिन्न जिलों से आये प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा कर में रिपोर्ट को सर्वसहमति से पास किया गया।
इससे पूर्व सीटू अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि केंद्र कि मोदी सरकार द्वारा मजदूर विरोधी चार श्रम सहिताओ को लागू करने का भरसक प्रयास किया गया, किन्तु मजदूरों के संघर्ष के आगे वे इसे लागू नहीं कर पाए तो पिछले दरवाज़े से लागू करने कि कोशिश कर रहे है। उन्होंने आशाएं अपनी मांगों को लेकर देश में संघर्षरत है। उत्तराखण्ड में भी आशाएं अपने संघर्षो के बलबूते अपनी मांगो को पूरा कराकर रहेगी।
इस अवसर पर प्रांतीय महमंत्री महेन्द्र जखमोला ने कहा कि आशाओं कि ड्यूटी चौबीस घंटे कि है वह स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है। उन्होंने करोना काल में अपनी जान जोखिम में डाल कर देश हित में काम किया, किन्तु केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा उनके काम का दाम नहीं दिया गया है उन्हें ग्रेजुयेटी , पेंशन, सामाजिक सुरक्षा सहित मेडिकल सुविधा देने, न्यूनतम वेतन के लिए लम्बे संघर्षो के लिए तैयार रहने को कहा। सीटू के सचिव लेखराज, एस. एस. नेगी ने भी सम्बोधित किया।