– प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति बाधित
– सचिवालय में वार्ता के बाद दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन
देहरादून। लंबित भुगतान, विभागीय उदासीनता और कथित उत्पीड़न के विरोध में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने राजधानी स्थित जल जीवन मिशन कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में देहरादून, रुड़की, विकासनगर, पौड़ी, टिहरी, चमोली और अल्मोड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से देहरादून पहुंचे करीब 200 ठेकेदार शामिल थे। प्रदर्शन के चलते प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति बाधित रही। ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप की जा सकती है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सरकार और विभागीय अधिकारी ठेकेदारों को लगातार टालते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान के लिए जब भी अधिकारीयों से संपर्क किया जाता है, हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर फाइलें रोक दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि ठेकेदार अपने मजदूरों और सप्लायरों का भुगतान तक नहीं कर पा रहे हैं। आर्थिक दबाव के चलते कुछ स्थानों पर मजबूरन जलापूर्ति बंद करनी पड़ी, और यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही राज्य के अन्य जिलों में भी जल जीवन मिशन की पेयजल योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
धरना-प्रदर्शन के बाद ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल को को सचिवालय बुलाया गया, जहां उनकी बैठक सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान, जल जीवन मिशन की निदेशक मीना, पेयजल निगम के मुख्य अभियंता संजय सिंह और जल संस्थान के सीजीएम डी.के. सिंह के साथ हुई।
बैठक में सचिव पेयजल ने ठेकेदारों की समस्याओं को वाजिब मानते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक की मिनट्स ऑफ मीटिंग जल्द लिखित रूप में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने दो दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं या ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह आश्वासन भी दिया गया कि केंद्र से भुगतान मिलते ही ठेकेदारों के लंबित बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में एसोसिएशन की ओर से सचिन मित्तल, सुनील गुप्ता, सौरभ गोयल, अंकित सलार, जेपी अग्रवाल, संदीप मित्तल, सूरत राम शर्मा, सुनील मित्तल, आनंद सिंह राणा, महिपाल पड़ियाल, रॉबिन पवार, कमल नौटियाल, इंद्रपाल राणा, सचिन पवार, गजेंद्र रावत और प्रमोद नेगी समेत कई ठेकेदार मौजूद रहे।
