पढ़ने की कोई उम्र नहीं: 67 साल की उम्र में सेवानिवृत्त अधिकारी ने हासिल की स्नातकोत्तर उपाधि

– इग्नू के 39वें दीक्षांत समारोह में 3584 विद्यार्थियों को उपाधि

– देहरादून क्षेत्रीय केंद्र में 160 शिक्षार्थियों ने ली डिग्री

देहरादून। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का 39वां दीक्षांत समारोह सोमवार को देशभर के 51 क्षेत्रीय केंद्रों के साथ देहरादून स्थित क्षेत्रीय केंद्र में भी उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर इग्नू क्षेत्रीय केंद्र देहरादून से कुल 3584 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई, जबकि देहरादून केंद्र पर आयोजित समारोह में 160 शिक्षार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से अपनी डिग्री प्राप्त की। समारोह में उम्र, संघर्ष और संकल्प की मिसाल बने कई शिक्षार्थी आकर्षण का केंद्र रहे।

समारोह की विशेष बात यह रही कि 50 वर्ष से अधिक आयु के चार शिक्षार्थियों ने भी उपाधि प्राप्त कर यह साबित किया कि शिक्षा के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। 67 वर्षीय श्री कृष्ण रंजन भारती ने अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। बीएसएनएल के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री भारती ने कहा कि जीवन अनमोल है और हर क्षण का आनंद लेते हुए व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वहीं शारीरिक चुनौतियों के बावजूद श्री तरुण भार्गव ने लाइब्रेरी साइंस में स्नातक की उपाधि हासिल कर सभी को प्रेरित किया। इसी कड़ी में 51 वर्षीय श्रीमती जया बनर्जी ने मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। 55 वर्षीय श्री सुधीर श्रीपादफण्डेस ने ज्योतिष में स्नातकोत्तर तथा 50 वर्षीय श्री क्रिस्टोफर सिंह ने मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि अर्जित की। शैक्षणिक उपलब्धियों के लिहाज से भी देहरादून केंद्र ने शानदार प्रदर्शन किया। करीब 61 प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 76 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन के साथ सफलता हासिल की। उपाधि प्राप्त करने वालों में 1754 महिलाएं शामिल रहीं, जो कुल संख्या का लगभग 49 प्रतिशत हैं। इग्नू देहरादून के सुमित जोशी को एमबीए (वित्तीय प्रबंधन) तथा रागिनी रावत को एमएससी (पर्यावरण विज्ञान) में इग्नू मुख्यालय नई दिल्ली में स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय ने कहा कि उपाधि केवल कागज का प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी का प्रतीक है। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र देहरादून के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार डिमरी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने सभी उपाधिधारकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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