– TTFI को शिकायती पत्र
देहरादून। उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन (UTTA) के खिलाड़ियों और अभिभावकों ने राज्य एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और सचिव पर सीमांत पर्वतीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों के साथ भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि एसोसिएशन के पदाधिकारी केवल बड़े शहरों की महंगी टेबल टेनिस अकादमियों और अपने निकट संबंधियों के हितों की रक्षा कर रहे हैं। दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के प्रतिभावान नौनिहाल खिलाड़ियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। एसोसिएशन में मनमाने ढंग से अपने परिचितों को पदाधिकारी और सदस्य बनाया जा रहा है। ग्रामीण खिलाड़ियों को धमकाया जाता है। मैचों में गलत ड्रॉ करवाकर आपसी मुकाबले कराए जाते हैं और अंपायरों द्वारा परेशान किया जाता है। एडिशनल एंट्री के नाम पर खिलाड़ियों का खुलेआम शोषण हो रहा है। इन कारणों से उत्तराखंड की टीमें सीनियर नेशनल स्तर पर लगातार पहले चरण में ही बाहर हो रही हैं, जिससे राज्य में टेबल टेनिस खेल की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
प्रतियोगिताओं में तारीखों का टकराव
वर्तमान में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के बीच तारीखों का टकराव भी खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 16 से 22 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में आयोजित 69वें नेशनल स्कूल गेम्स और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन द्वारा 15 से 23 अप्रैल 2026 तक देहरादून में आयोजित UTT 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप की तिथियां लगभग एक साथ पड़ रही हैं। इससे खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है और राज्य के असली प्रतिभावान खिलाड़ी नुकसान उठा रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) को लिखे शिकायती पत्र में उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन को तुरंत भंग करने एवं खेल हितैषी व्यक्तियों के नेतृत्व में नई राज्य एसोसिएशन का गठन करने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि TTFI द्वारा शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन या न्यायालय जाने को मजबूर होंगे। TTFI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रेस वार्ता में कोच विजय कुमार, अभिभावक पुष्पा देवी, रविंद्र देवी तथा अन्य कई खिलाड़ी और अभिभावक उपस्थित रहे।
