– लाॅ काॅलेज देहरादून में इंट्राम्यूरल मीडिएशन प्रतियोगिता का समापन
देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के Law College Dehradun में आयोजित इंट्राम्यूरल मीडिएशन कम्पीटिशन के चौथे संस्करण का बुधवार को समापन हो गया। तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में कुल 18 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में छात्रों ने अपनी प्रभावशाली मध्यस्थता क्षमता और संवाद कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबले का विषय अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर आधारित था। इसमें युद्ध के बीच दो देशों के मध्य वार्ता और मध्यस्थों की भूमिका को दर्शाया गया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए मांगों, हितों और प्राथमिकताओं को मजबूती से रखा। वहीं मध्यस्थता कर रहे छात्रों ने निष्पक्षता और संवाद के जरिए वार्ता को सफल समझौते तक पहुंचाया। कड़े मुकाबले के बाद निर्णायकों ने विधि शर्मा और खुशी खंतवाल की टीम को विजेता घोषित किया, जबकि जिवेश शुक्ला एवं संयम तोमर की टीम द्वितीय स्थान पर रही। लक्ष्य सरल को बेस्ट मध्यस्थ और दीपिका को बेस्ट मुवक्किल के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समापन समारोह में प्रो. राजेश बहुगुणा ने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में मध्यस्थता की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों की लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से आमजन ऊब चुका है और अब लोग त्वरित न्याय के लिए वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली को अपनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं भावी विधि व्यवसायियों के लिए नए अवसर तैयार करने में सहायक साबित होंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के उपकुलपति राजेश बहुगुणा एवं लाॅ कॉलेज के प्रमुख राधेश्याम झा निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वत्सल चौधरी, अशोक डोभाल, ईशा शर्मा, प्रियदर्शनी तिवारी, पूर्णिमा त्यागी, सृष्टि रंजन, प्रतिष्ठा, मान्यता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
