देहरादून। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत अब प्रवेशोत्सव के साथ होगी। नए विद्यार्थियों के स्वागत से लेकर उन्हें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और अनुशासन से जोड़ने तक की पहल की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेशोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को एनसीसी, एनएसएस और रोवर रेंजर्स जैसी गतिविधियों से जोड़ने तथा नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा है।
सोमवार को अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरुआती अनुभव बेहद महत्वपूर्ण होता है। प्रवेशोत्सव के माध्यम से नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उनमें उच्च शिक्षा के प्रति विश्वास और सकारात्मक सोच विकसित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम को प्रभावी और छात्र केंद्रित बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि जिन राजकीय महाविद्यालयों में निर्धारित मानक पूरे होते हैं, वहां एनसीसी, एनएसएस और रोवर रेंजर्स में से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। प्रयास रहेगा कि प्रत्येक विद्यार्थी इनमें से किसी न किसी गतिविधि से जुड़े। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने में मदद मिलेगी। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए महाविद्यालयों में नशा मुक्ति कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही विकसित भारत-2047 की अवधारणा पर विभिन्न विषयों को लेकर गोष्ठियां और संवाद कार्यक्रम भी होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने विभागीय निदेशक को सभी प्राचार्यों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
बैठक में मंत्री ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबौं, खिर्सू, थलीसैण, मजरा महादेव, उफरैंखाल और व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने भवन निर्माण, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, फर्नीचर, बिजली, पेयजल और खेल सुविधाओं की स्थिति जानी। डॉ. रावत ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवनिर्मित छात्रावासों में इसी सत्र से विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय पर काम पूरा नहीं करने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने नए भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के साथ परिसरों में शौर्य दीवार, मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाएं स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
