आयुर्वेद दिवस पर UMCAR में जागरूकता का संदेश, 50 से अधिक मरीजों ने लिया स्वास्थ्य शिविर का लाभ

– रैली, रील प्रतियोगिता, स्वास्थ्य जांच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा आयुर्वेद का संदेश

देहरादून। स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तरांचल मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड रिसर्च (UMCAR), प्रेमनगर में 11वां आयुर्वेद दिवस विभिन्न जागरूकता और स्वास्थ्य गतिविधियों के साथ मनाया गया। 17 से 23 सितंबर तक चले सप्ताहभर के आयोजन में मरीज जागरूकता कार्यक्रम, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, छात्र रैली, रील वीडियो प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे।

समारोह की शुरुआत 17 सितंबर को मरीज जागरूकता कार्यक्रम से हुई। UHDC की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति एम. गनेर ने मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन के बारे में मरीजों को जानकारी दी। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ दिनचर्या को बीमारियों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों के रूप में बताया गया। 18 सितंबर को उत्तरांचल अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर की ओर से लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में 50 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। आयुर्वेद दिवस समारोह में छात्रों की भागीदारी भी खास रही। 21 सितंबर को बीएएमएस छात्रों के लिए रील वीडियो-मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने डिजिटल माध्यम से आयुर्वेद की उपयोगिता और आधुनिक जीवन में उसकी प्रासंगिकता को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं, 22 सितंबर को छात्रों ने रैली निकालकर लोगों को आयुर्वेद, स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस के अवसर पर समारोह का समापन हुआ। इस दौरान शास्त्रीय प्रस्तुतियों, नाटकों और भाषणों के माध्यम से आयुर्वेद के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विश्व आयुर्वेद परिषद उत्तराखंड के सलाहकार डॉ. वाई. एस. मलिक ने अतिथि व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्रों और संकाय सदस्यों को आयुर्वेद के सिद्धांतों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवा में इसकी प्रासंगिकता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष की थीम “स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद” रही। सप्ताहभर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, बीमारियों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही, छात्रों को आयुर्वेद के संदेश को रचनात्मक माध्यमों से समाज तक पहुंचाने के लिए मंच प्रदान किया गया। आयुर्वेद दिवस समारोह का आयोजन UMCAR के निदेशक डॉ. अमित भट्ट और प्राचार्य डॉ. विभूति चंद्राकर के मार्गदर्शन में किया गया।

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