– निजी, राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के व्यवस्थाओं की समीक्षा
– विद्यालयों में इको क्लब और इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन पर जोर
देहरादून। विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर विद्यार्थियों की सुरक्षा तक, हर स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में आयोजित समीक्षा बैठक में रायपुर और डोईवाला विकासखंड के 550 से अधिक प्रधानाचार्यों के साथ शैक्षिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर मंथन हुआ।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निजी, राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, निर्धारित मानकों का पालन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिकता में रहना चाहिए। बैठक में पर्यावरण संरक्षण और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक के प्रथम सत्र में निजी विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें आधार कार्ड, यूडीआईएसई (UDISE), पेन (PEN), एसएचवीआर (SHVR), इंस्पायर अवार्ड, आरटीई पंजीकरण और विद्यालयों की मान्यता से संबंधित विषय शामिल रहे। इसके अलावा सीबीएसई के दिशा-निर्देशों, शुल्क व्यवस्था, ड्रेस और पुस्तकों, स्कूली बैग के भार तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के मानकों की समीक्षा की गई। इन विषयों के माध्यम से विद्यालयों में नियमों के अनुपालन और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
द्वितीय सत्र में राजकीय विद्यालयों से संबंधित प्रशासनिक, शैक्षिक और वित्तीय विषयों की समीक्षा की गई। इसमें बीएलओ ड्यूटी, खेल गतिविधियां, आपदा प्रबंधन, फर्नीचर एवं कंप्यूटर की उपलब्धता, वित्तीय व्यय, एसएनए खाते, ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक व्यवस्था पर चर्चा हुई। अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, विद्यालयी शिक्षा से जुड़े वीएसके (VSK), एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) जैसे विषय भी समीक्षा के केंद्र में रहे। बैठक में विद्यालयों की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पर्यावरण संरक्षण और मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर
विद्यालयों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए सभी विद्यालयों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को बढ़ावा देने तथा इको क्लब के गठन के निर्देश दिए गए। वहीं, विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मताधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित करने को कहा गया। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता के लिए एसवीईईपी (SVEEP) गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन
बैठक के समापन पर सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी और प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल ने सभी प्रतिभागी प्रधानाचार्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा से जुड़े ऐसे आयोजनों के सफल संचालन और विभागीय प्रयासों में सहयोग के लिए विद्यालय भविष्य में भी तत्पर रहेगा।