देहरादून। उत्तराखंड में सड़कों की बदहाली और मरम्मत में लापरवाही पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम-एसएसपी के साथ करीब चार घंटे चली मैराथन बैठक में सीएम ने साफ चेतावनी दी कि सड़क निरीक्षण के दौरान कहीं भी टूटी सड़क मिली तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। सीवर और पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत एक नवंबर तक पूरी करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कामकाज की प्रगति अब कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।
एक नवंबर तक सड़कों की मरम्मत, सीएम खुद करेंगे निरीक्षण
मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक चली बैठक में प्रदेशभर के विकास कार्यों, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने और गड्ढामुक्त सड़क अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। जहां भी सड़क की खराब स्थिति या मरम्मत में लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
नवरात्र और दीपावली को देखते हुए बाजारों, प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने, पर्यटन स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना बनाने और आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए। दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा। सीएम ने निर्देश दिए कि प्रभारी सचिव हर 15 दिन में आवंटित जिलों का दौरा कर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अच्छा काम करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे, जबकि लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।