देहरादून। ग्राफिक एरा में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 12,832 छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ भविष्य के निर्माण की शपथ ली। आयोजकों के अनुसार, एक साथ इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के शपथ लेने से एशिया में अपनी तरह का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के पहले चरण में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के केपी नौटियाल सभागार में नशामुक्ति पर सम्मेलन आयोजित हुआ। दूसरे चरण में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के मैदान में हजारों विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली।
गलत फैसलों पर पड़ता है लंबे समय तक असर: डीएम
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि नशे की लत के पीछे क्षणिक उत्तेजना और डोपामिन की भूमिका होती है, लेकिन नशे के प्रभाव में लिए गए गलत फैसलों की कीमत व्यक्ति को लंबे समय तक चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने युवाओं से भविष्य को ध्यान में रखकर विवेकपूर्ण निर्णय लेने और जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय को समझने के लिए उसके विभिन्न पहलुओं पर तार्किक ढंग से विचार करना जरूरी है। अपर जिलाधिकारी स्मृति परमार ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, कानून का प्रभावी पालन, जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर एक साथ काम करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य और जिला स्तर पर नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
नुक्कड़ नाटक और फिल्मों से दिया जागरूकता का संदेश
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. तबस्सुम नकवी ने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की आलोचना करने के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन और सहयोग देना चाहिए। कार्यक्रम में सजग इंडिया के संस्थापक ललित जोशी और न्यूरो-मनोचिकित्सक डॉ. अंकिता प्रियदर्शिनी ने भी संबोधित किया। आह्वान कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक, स्किट और फिल्मों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में शुभशिखा ने पहला, अदिति कांडपाल ने दूसरा और हर्षिता ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, मास कम्युनिकेशन विभाग के विद्यार्थियों की शॉर्ट फिल्म ‘द लास्ट पेज’ को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भारतीय उद्योग परिसंघ और यंग इंडिया ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक संजय भोला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को रिकॉर्ड स्थापित करने का अनंतिम प्रमाणपत्र प्रदान किया।