AMR के खिलाफ उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के फार्मेसी छात्रों ने बुलंद की आवाज, जागरूकता रैली से दिया जिम्मेदार दवा इस्तेमाल का संदेश

– विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर UIPS में शपथ, जागरूकता रैली, पोस्टर-लीफलेट प्रतियोगिता, साइंस कार्टून, डिबेट और फार्मा क्विज का आयोजन

देहरादून। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की बढ़ती चुनौती के बीच उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज़ (UIPS) ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता का व्यापक संदेश दिया। “बेहतर भविष्य के लिए फार्मासिस्ट को सशक्त बनाना” थीम के तहत आयोजित कार्यक्रम में फार्मेसी छात्रों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के जिम्मेदार इस्तेमाल और AMR की रोकथाम के प्रति जागरूक किया।

25 सितंबर को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में छात्रों ने न केवल फार्मासिस्ट शपथ लेकर अपने पेशेवर दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता जताई, बल्कि पोस्टर, लीफलेट, साइंस कार्टून, डिबेट और फार्मा क्विज जैसी गतिविधियों के जरिए AMR जैसे गंभीर स्वास्थ्य विषय को रचनात्मक और प्रभावी तरीके से सामने रखा। कार्यक्रम का आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) की पहल के अनुरूप किया गया। UIPS के निदेशक प्रो. (डॉ.) विकास जखमोला के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति छात्रों और समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का समन्वय UIPS की विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता त्यागी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिल्पा राणा ने किया।

शपथ से शुरू हुआ जागरूकता का अभियान

कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने फार्मासिस्ट शपथ ली और रोगी-केंद्रित देखभाल, पेशेवर नैतिकता तथा फार्मेसी पेशे की जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके बाद निकाली गई AMR जागरूकता रैली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने “जागरूकता के लिए चलें • AMR के खिलाफ मिलकर लड़ें” संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया। रैली के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल से बचने तथा इनके जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया।

पोस्टर से लेकर साइंस कार्टून तक दिखी छात्रों की रचनात्मकता

AMR को लेकर छात्रों में जागरूकता और वैज्ञानिक समझ को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों ने आकर्षक विज़ुअल्स और वैज्ञानिक तथ्यों के माध्यम से AMR की चुनौती को प्रस्तुत किया। इसके बाद “Inform • Educate • Prevent” थीम पर लीफलेट निर्माण प्रतियोगिता आयोजित हुई। छात्रों ने सरल और प्रभावी सूचना सामग्री तैयार कर आम लोगों तक AMR से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया। ‘साइटून्स’ (Science Cartoons) प्रतियोगिता में छात्रों ने विज्ञान और रचनात्मकता का अनूठा संयोजन प्रस्तुत किया। कार्टून के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने AMR और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों, जिम्मेदार एंटीमाइक्रोबियल उपयोग तथा संभावित समाधानों पर अपने विचार रखे। इससे छात्रों को विषय पर तार्किक सोच और प्रभावी संवाद का अवसर मिला। वहीं फार्मा क्विज में छात्रों ने फार्मेसी, दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए अपने ज्ञान और प्रतिस्पर्धी क्षमता का प्रदर्शन किया।

फार्मासिस्ट की भूमिका को मिला नया आयाम

विश्व फार्मासिस्ट दिवस का यह आयोजन केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों के लिए ज्ञान, जागरूकता, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का मंच बना। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्ट की भूमिका केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी की सुरक्षा, दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग और AMR की रोकथाम में भी फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के माध्यम से जिम्मेदार एंटीमाइक्रोबियल उपयोग और AMR की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया। UIPS के छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस को जागरूकता, सीख और सामाजिक प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए एक प्रभावी अभियान का रूप दिया।

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