उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है आज हम ऐसे देवता ऐसे गुरु का वर्णन करते हैं…
Category: ज्योतिष
फरवरी में सूर्य, मंगल सहित 4 ग्रह करेंगे गोचर, इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, करियर में तरक्की के साथ कमाएंगे खूब सारा धन।
देहरादून । उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल विस्तृत व्याख्या करते हुए…
सहायक निदेशक ने किया शाश्वत शिक्षा निकेतन लछमौली बागवान का निरीक्षण।
श्रीनगर गढ़वाल । सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डयाल ने…
भगवान श्री राम का जीवन ही सत्य और साधना का मार्ग है बगुलामुखी साधक बिजेंद्र पांडेय गुरु जी
अयोध्या प्रभु श्री रामचंद्र जी की जन्म भूमि अयोध्या की धरती पर माँ बंगलामुखी का यज्ञ…
सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल 25 जनवरी को थराली में चल रही भव्य राम कथा का समापन करेंगे।
गोपेश्वर। सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल 25 जनवरी को…
उत्तराखंड का बेजोड़ व्यक्तित्व डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल”
खिरसू विकास खंड के पब्लिक इंटरमीडिएट कॉलेज भट्टीसेरा में ध्वजारोहण के साथ-साथ ग्राम सभा…
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार के तत्वावधान में जनपद रुद्रप्रयाग द्वारा आयोजित गीता जयन्ती मास महोत्सव कार्यक्रम आंनलाइन गूगल मीट के माध्यम से विधिवत् सम्पन्न हुआ।
जिला रूद्रप्रयाग आज दिनांक 18-01-2023 को उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार के तत्वावधान में जनपद रुद्रप्रयाग…
आचार्य डॉक्टर” दैवज्ञ” ने जारी की राम मंदिर मूर्ति स्थापना की लग्न कुंडली।
देहरादून -: उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने 22 जनवरी को…
देहरादून
मकर संक्रांति का त्योहार हर वर्ष सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर उलझन की स्थिति बनने लगी है। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ बताते हैं ,कि मकर संक्रांति का पुण्यकाल और तिथि मुहूर्त क्या है? दरअसल इस उलझन के पीछे खगोलीय गणना है। गणना के अनुसार हर साल सूर्य के धनु से मकर राशि में आने का समय करीब 20 मिनट बढ़ जाता है। इसलिए करीब 72 साल के बाद एक दिन के अंतर पर सूर्य मकर राशि में आता है। ऐसा उल्लेख मिलता है कि मुगल काल में अकबर के शासन काल के दौरान मकर संक्रांति 10 जनवरी को मनाई जाती थी। अब सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय 14 और 15 के बीच में होने लगा क्योंकि यह संक्रमण काल है।
श्रीमद् भागवत व्यास गद्दी से सैकड़ो भागवत कथाएं करने वाले आचार्य “दैवज्ञ”बताते हैं ,कि साल 2012 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 15 जनवरी को हुआ था, इसलिए मकर संक्रांति इस दिन मनाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई गयी ऐसी गणना कहती है। इतना ही नहीं करीब पांच हजार साल बाद मकर संक्रांति फरवरी के अंतिम सप्ताह में मनाई जाने लगेगी
ज्योतिष जगत में अंतरराष्ट्रीय सितारे आचार्य चंडी प्रसाद”दैवज्ञ”आगे बताते हैं कि ज्योतिषीय गणना एवं मुहुर्त चिंतामणी के अनुसार सूर्य सक्रान्ति समय से 16 घटी पहले एवं 16 घटी बाद तक का पुण्य काल होता है, निर्णय सिन्धु के अनुसार मकर सक्रान्ति का पुण्यकाल सक्रान्ति से 20 घटी बाद तक होता है ,किन्तु सूर्यास्त के बाद मकर सक्रान्ति प्रदोष काल रात्रि काल में हो तो पुण्यकाल दूसरे दिन माना जाता है। इस वर्ष भगवान सूर्य देव 14 जनवरी रविवार को रात्रि 02 बजकर 42 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगें।
सूर्य धनु से मकर राशि में 14 जनवरी को प्रवेश कर रहा है। अतः धर्म सिंधु के मतानुसार..
मकरे पराश्चत्वारिंशत्।।
अर्थात मकर में परली चालीस घड़िया पुण्यकाल है।
इदं मकरकर्कातिरिक्तं सर्व- त्र रात्रिसंक्रमे ज्ञेयम् ॥
अयने तु मकरे रात्रिसंक्रमे सर्वत्र परदिनमेव पुण्यम् ॥
अर्थात👉 मकर में रात्रि को संक्रांति होय तो सर्वत्र परदिन में पुण्यकाल माना जाता है।
अतः निष्कर्ष रूप में इस वर्ष उदया तिथि में संक्रांति आरम्भ होने के कारण 15 जनवरी सोमवार के दिन संक्रान्ति का पर्व मनाया जाना ही शास्त्रोचित हैं।
आचार्य जी का संक्षिप्त परिचय
नाम आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल” दैवज्ञ ”
राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक निदेशक शिक्षा – संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड सरकार/
निवास स्थान 56 / 1 धरमपुर देहरादून फ़ोन no 9411153 845 एवं 701788 6131
उपलब्धियां
वर्ष 2013 में सबसे पहले केदारनाथ आपदा की भविष्यवाणी की थी इसलिए 2018 तक लगातार मिला” एक्सीलेंस अवॉर्ड”
वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला राज्य का” प्रथम गवर्नर अवार्ड”
लगातार सटीक भविष्यवाणियां करने पर वर्ष 2016 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिया “उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान ”
मंत्रो की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करने का विज्ञान विकसित करने के लिए वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया “ज्योतिष वैज्ञानिक” सम्मान /
वर्ष 2018 एवं 2019 में राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में उत्तराखंड सरकार ने लगातार दिया” ज्योतिष विभूषण सम्मान”
नवंबर 2022 में लगातार सटीक भविष्यवाणी करने पर ग्राफिक एरा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा से दिया “उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान ”
इसके अतिरिक्त भी पूरे देश एवं विदेशों में 700 से अधिक श्रीमद् भागवत कथाओं का प्रवचन करते हुए अनेक “राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान उपाधियों” से हुए हैं सम्मानित/
सहायक निदेशक के रूप में फरवरी 2023 में मिला “ऑफिसर ऑफ द ईयर अवार्ड” सम्मान।
शिक्षा अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट कार्यो के लिए 24 दिसंबर 2023 को राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के हाथों से मिला “सुशासन के सूत्रधार अधिकारी सम्मान”
8 जनवरी 2024 को शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा में मूलभूत सुधार करने एवं ज्योतिष के क्षेत्र में सटीक भविष्यवाणियों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में दिया” ज्योतिष सूर्य सम्मान”
