5 दिवसीय महाकौथिग मेले का पुलिस कमिश्नर ने किया शुभारंभ

14वें महाकौथिग का नोएडा स्टेडियम में रंगारंग आगाज दिल्ली-एनसीआर में लगने वाले सबसे बड़े उत्तराखंडी मेले…

 

 

इस गीत को उत्तराखण्डी संगीत जगत के दो अनमोल रत्न, गढ़रत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी और स्वर कोकिला मीना राणा जी ने अपनी जादुई आवाज़ से सजाया है। गीत का कॉन्सेप्ट भी उतना ही खास है, जिसे जाने-माने अभिनेता पूरब पंवार जी ने तैयार किया है।

 

इस गीत की एक और खासियत यह है कि प्रवृति चंद इसमें बतौर अभिनेत्री अपनी पहाड़ी संगीत यात्रा की शुरुआत कर रही हैं। प्रवृति चंद मिसेज उत्तराखंड 2019 और मिसेज इंडिया 2020 में भी अपनी चमक बिखेर चुकी हैं। उत्तरकाशी के खूबसूरत गाँव की मूल निवासी, प्रवृति पहाड़ और उसकी संस्कृति से गहरा लगाव रखती हैं। उन्होंने एन.आई.एम. से पर्वतारोहण का कोर्स भी किया है। आज भले ही वह मुंबई में रहती हैं, लेकिन उनकी आत्मा में पहाड़ बसता है। इस गीत में प्रवृति के साथ उत्तराखण्ड और हिमाचल के सुप्रसिद्ध अभिनेता अतुल घिल्डियाल भी नजर आएंगे। आपको बता दे अतुल घिल्डियाल काफी टाईम से उत्तराखंड ओर हिमाचल इंडस्ट्री में काम कर रहे है और मूल रूप से पौड़ी की एकेस्वर ब्लाक के पट्टी- मोनदारी गांव दौड़ा डंडा से तालुक रखते है

 

इस अद्भुत गीत को टिहरी के सीमांत गाँव गंगी की सुंदर वादियों में फिल्माया गया है, जो इसे और भी खास बनाता है। गीत का निर्देशन किया है प्रसिद्ध निर्देशक अरविन्द नेगी जी ने, और इसके डीओपी हैं देवेंद्र नेगी जी।

 

तो दोस्तों, 12 दिसंबर, सुबह 11 बजे, जानी-मानी म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज के बैनर तले यह गीत रिलीज होने जा रहा है। “हे रामिये” न केवल आपके कानों को सुकून देगा, बल्कि अपने शानदार संगीत, बेहतरीन अभिनय और अद्भुत सिनेमेटोग्राफी से आपके दिलों को भी छू लेगा।

तैयार हो जाइए इस गीत को अपनी प्लेलिस्ट का हिस्सा बनाने के लिए।

“हे रामिये” – उत्तराखंड की खूबसूरती और संस्कृति का अनमोल तोहफा!

 

 

 

 

डेलीगेट्स के लिए तैयार मैन्यू में दो दर्जन से ज्यादा पहाड़ी आइटम

 

*हर शाम होंगे गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी लोक नृत्य के कार्यक्रम*

 

*पदमश्री प्रीतम भरतवाण, संगीता ढौंडियाल और साथी देंगे प्रस्तुतियां*

हिम वार्ता लाइव डेस्क

देहरादून, 09 दिसंबर। आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में खाने से लेकर मनोरंजन तक में उत्तराखंडी छाप देखने को मिलेगी। देश-विदेश के डेलीगेट्स की थाली में दो दर्जन से ज्यादा पहाड़ी आइटम परोसे जाएंगे। चार दिन का मैन्यू तैयार कर लिया गया है। दो दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तय हुए हैं, जिसमें मांगल गायन से लेकर छोलिया और अन्य उत्तराखंडी नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी।

 

विश्व स्तरीय यह आयोजन 12 से 15 दिसंबर तक परेड ग्राउंड देहरादून में होने जा रहा है। इस दौरान आयुर्वेद पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बडे़ अवसर पर पहाड़ी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए भी कदम उठाए गए हैं। आयुष सचिव रविनाथ रमन के अनुसार डेलीगेट्स के भोजन और इस दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

 

*देश-विदेश के डेलीगेट्स के लिए तय मैन्यू*

 

12 दिसंबर 2024

मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, गहत की भरवा रोटी घी में सेकी, राई की सब्जी, गहत की दाल/तुअर की दाल, लाल साठी भात, झंगोरे की खीर, टिमरू की चटनी।

 

13 दिसंबर 2024

मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, पालक की काफली, उड़द की दाल, लाल साठी भात, बाल मिठाई, रोटने, भंगेरे/भंगजीरे की चटनी।

 

14 दिसंबर 2024

मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, गहत की भरवा रोटी घी में सेकी, आलू की थिच्वाणी, भट्ट की चुटकाणी, झंगोरे का भात, सिंगोरी मिठाई, केले के गुलगुले, सफेद भुने भट्ट और तिल की चटनी।

 

15 दिसंबर 2024

मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, तिल कुचाई, भट्ट की चुटकाणी, चंबा का राजमा, लाल साठी भात, घुगती, अस्के, पीली राय की चटनी।

 

*उत्तराखंडी लोक संगीत के ये होंगे कार्यक्रम*

 

*12 दिसंबर 2024 सुबह के सांस्कृतिक कार्यक्रम*

सुश्री कंचन भंडारी एवं साथी-मांगल गायन

उद्यांचल पर्वतीय कला समिति-छोलिया नृत्य

*12 दिसंबर 2024 शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम*

नव हिमालय लोक कला समिति-कुमाऊंनी लोक नृत्य

ब्रहम कमल सांस्कृतिक समिति-गढ़वाली लोक नृत्य

जौनसार बावर सांस्कृतिक गांव का रिवाज संस्था-जौनसारी लोक नृत्य

पदमश्री प्रीतम भरतवाण-जागर

 

*14 दिसंबर 2024 शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम*

संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति-कुमाऊंनी लोक नृत्य

संगम सांस्कृतिक समिति-गढ़वाली लोकनृत्य

स्पर्श जनजाति सामाजिक एवं सांस्कृतिक संध्या-जौनसारी लोक नृत्य

श्रीमती संगीता ढौंडियाल-लोक गायन

 

*वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 का आयोजन उत्तराखंड के लिए हर तरह से महत्वपूर्ण अवसर है। आयुर्वेद के संबंध में गहन विचार मंथन का उत्तराखंड साक्षी बनेगा, साथ ही यहां की संस्कृति का भी देश-दुनिया में प्रचार होगा।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

 

 

मदिर परिसर में आयोजित पाण्डव नृत्य में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 

*मुुख्यमंत्री ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विकास के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु बतायी सम्मेकित प्रयासों की जरूरत।*

 

*राज्य सरकार द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के दिये है दिशा निर्देश। शीतकालीन यात्रा को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही दुरुस्त।*

*मुख्यमंत्री रविवार को बाबा केदार की भूमि से करेंगें शीतकालीन चार धाम यात्रा की भी शुरुआत।*

 

मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनपद रूद्रप्रयाग के भ्रमण के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने मदिर परिसर में आयोजित पाण्डव नृत्य में हुए शामिल होकर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विकास के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सम्मेकित प्रयासों पर बल दिया।

 

मुख्यमंत्री ने श्रीमती आशा नौटियाल को उप चुनाव में विजय बनाने पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र के लिए की कई घोषणाएं भी की गई हैं, जिन्हें जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। केदार घाटी में आई आपदा के बाद अनेक निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे सभी लोगों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्दी शुरू किया गया था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूद्रप्रयाग जनपद को आदर्श जनपद के रूप में पहचान मीलेे, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा केदार घाटी में महिलाएं निरंतर नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। हमारी बहनों द्वारा एक से बढ़कर एक गुणवत्तापूर्ण और अच्छी पैकिंग के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज हमारे स्थानीय उत्पादो की मांग पूरे देश और दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा स्वयं सहायता समूह, विभिन्न संगठनों एवं आमजन के साथ मिलकर हम इस क्षेत्र में विकास एवं समृद्धि का नया अध्याय स्थापित करने का काम करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के मकसद से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। आगामी दिनों में चार धाम यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी की जानी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार यात्रा समाप्त होते ही आगामी यात्रा की तैयारी में जुट गई है। शीतकालीन यात्रा में भी लोगों को काम मिले इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। अब राज्य सरकार उनके संकल्पों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम स्थान में आया। राज्य में बेरोजगारी दर घटी है। जीएसटी संग्रह में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जीएसडीपी में भी राज्य 1.3 गुणा की वृद्धि की है। राज्य में बीते तीन सालों में अब तक लगभग 19 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा जल्द ही राज्य सरकार भू कानून लाने वाली है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के सभी मंदिरों के सौर्दयीकरण कार्य को शीघ्र ही आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी रविवार को हम केदार की इस भूमि से शीतकालीन चार धाम यात्रा की भी शुरुआत करने जा रही है।

 

इस अवसर पर विधायक श्री भरत सिंह चौधरी, श्रीमती आशा नौटियाल, श्री बद्रिनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधयक्ष श्री अजेन्द्र अजय, दायित्वधारी श्री चण्डीप्रसाद भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री महावीर पंवार सहित बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रेस विज्ञप्ति

 

 

6 दिसम्बर 2024

कुम्भ, प्रयागराज

आज मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के अवसर पर आगामी महाकुंभ के लिए प्रातः शुभ मुहूर्त में श्री गंगाप्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में इक्कीस अन्य ब्राह्मणों द्वारा मोरी मार्ग के दक्षिण पट्टी में आदिशंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चार आम्नाय शांकर पीठ में से ज्योतिष्पीठ और द्वारकापीठ के शिविर में भूमि पूजन ब्रह्मचारी शंकर स्वरूप जी के द्वारा सम्पन्न हुआ।

द्वारकापीठ के शिविर प्रभारी श्रीधरानन्द ब्रह्मचारी ने बताया की आज उत्तम मुहूर्त में पूजा करके कार्य आरम्भ कर दिया गया है, द्वारकापीठ के शिविर में पूरे पर्व के दौरान अनेंको धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन होंगे । पूज्यपाद द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज के दर्शन का लाभ सबको मिलेगा।

 

ज्योतिष्पीठ शिविर के कुम्भ मेला प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी ने बताया कि 100 करोड से अधिक सनातन धर्मियों के लिए ये सबसे बडा पर्व है , इस महापर्व पर ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज के सान्निध्य पूरे मास धार्मिक विषयों पर निर्णय हेतु परमधर्मसंसद् के अनेकों सत्र होंगे जिसमें सभी धार्मिक समसामयिक विषयों पर शंकराचार्य जी महाराज अपना निर्णय सुनाएंगे।

 

भूमिपूजन के कार्यक्रम में स्वामी विद्याचैतन्य जी, स्वामी विचित्रानन्द जी, अपर मेलाधिकारी श्री विवेक चतुर्वेदी जी,उप मेलाधिकारी श्री विवेक शुक्ल जी,संजय ममगाई जोनल अधिकारी,लवकुश महाराज,देवेंद्र त्रिपाठी पीलीकोठी,अवधेश त्रिपाठी,अनूप त्रिपाठी रईस चंद्र शुक्ला,रवि उपाध्याय,आलोक पांडे रघुनाथ द्विवेदी,रामचंद्र शुक्ल,विद्याकांत पाण्डेय, संजय मिश्र,रामसजीवन शुक्ल,पशुपतिनाथ पंडा, नीरज शुक्ला एडवोकेट चन्दन तिवारी,योगेश शुक्ल,दीपेन्द्र नायक, आर्य शेखर ,विकास दुबे, राजेश मिश्रा,उदित त्रिपाठी,सोमजी शास्त्री दशामेध मंदिर आदि अनेकों भक्तजन उपस्थित रहे।

 

उक्त जानकारी परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय के माध्यम से प्राप्त हुई है।

 

प्रेषक

संजय पाण्डेय-मीडिया प्रभारी।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य जी महाराज।

राज्य के विकास और संरक्षण के लिए भू कानून जल्द लागू होगा- मुख्यमंत्री।

चमोली   *गैरसैंण के एतिहासिक गांव सारकोट पहुंच कर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनी…

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी इगास पर्व की बधाई, अपनी लोक परम्पराओं एवं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का किया आह्वान

  देहरादून मुख्यमंत्री  धामी ने प्रदेशवासियों को इगास पर्व /बूढ़ी दीपावली की बधाई एवं शुभकामनाएं दी…

 

देहरादून

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से वार्ता कर उनके उत्पादों के बार में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा निर्मित मंडुवे के बने केक की सराहना की। उन्होंने, स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित दीए की खरीदकारी कर ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट भी की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेले में महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद मातृशक्ति के परिश्रम, नवाचार के प्रतीक हैं। अपने परिश्रम और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से महिलाएं आजीविका चलाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा सरस मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का भी प्रयास है। इन मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच प्राप्त होता है एवं हम ग्रामीण कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, ग्रामीण उद्यमियों के साथ कृषि उत्पादों और ग्रामीण कौशल को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हमारे स्थानीय उत्पादों को सशक्त बनाने के लिए वोकल फॉर लोकल अभियान प्रारंभ किया गया था। यह मेला भी इस अभियान को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा आजीविका मेले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को भी साकार करने में सिद्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार मातृशक्ति को सर्वोपरि मानकर उनके उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। महिला के आर्थिक रूप से सशक्त होने पर वो अपने परिवार एवं पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्य से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत राज्य की एक लाख से अधिक महिलाओं ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है। हमारा संकल्प वर्ष 2025 तक 1.5 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में भी सरकार ने मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह योजना के अंतर्गत 84 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान कर महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने का प्रयास किया था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 30 हजार से अधिक समूहों को ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 24 करोड़ रुपये की छूट भी दी गई। 159 महिला सीएलएफ को लगभग 8 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान प्रदान किया गया। 43 हजार सक्रिय समूहों के स्वावलंबन हेतु 51 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत महिलाओं ने 95 ब्लॉकों में लगभग डेढ़ हजार स्टालों के माध्यम से 3 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार कर किया। राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 67 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं एंव 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 471 क्लस्टर स्तर के संगठन भी बनाए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 53 हजार से अधिक समूहों को रिवाल्विंग फंड और 37 हजार से अधिक समूहों को सामुदायिक निवेश निधि भी उपलब्ध करवा चुके हैं। महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन हेतु 13 जनपदों में 33 नैनों पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस सेन्टर भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर रानीपोखरी और देहरादून के रायपुर में उत्तरा आउटलेट की स्थापना की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर 110 अस्थायी आउटलेटों के माध्यम से भी महिला समूहों के उत्पादों का विपणन किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी प्रयासों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

 

मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान स्त्री शक्ती स्वयं सहायता समूह से स्वाति नेगी ने बताया कि उन्होंने 2019 में ग्रोथ सेंटर के माध्यम से ट्रेनिंग लेकर 20 महिलाओं के साथ दिवाली में काम आने वाली सजावटी मालाएं बनाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार द्वारा सचिवालय से लेकर ग्राम स्तर हर जगह उनके स्टॉल लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया समूह की प्रत्येक महिला महीने में 10 से 12 हज़ार की कमा लेती हैं।

 

उन्नति स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदी कोमल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा हर स्तर पर उनकी मदद की जाती है। उन्होंने कहा लखपति दीदी योजना से समाज में उनका मान सम्मान बढ़ा है। वह अपने साथ अन्य महिलाओं को भी रोज़गार से जोड़कर कार्य कर रही हैं। धरा स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदी फरजाना खान ने बताया कि वह महिलाओं के साथ मिलकर दलिया बनाने का काम करती हैं। उनके उत्पाद की बाज़ार में बड़ी मांग है। उनके समूह की प्रत्येक महिला करीब 12000 कमा लेती हैं।

 

*लखपति दीदी फरजाना की मांग पर मुख्यमंत्री ने आयुक्त ग्राम्य विकास को दिए निर्देश*

 

लखपति दीदी फरजाना खान ने मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर आउटलेट खोले जाने का अनुरोध किया। जिसके उपरांत मुख्यमंत्री ने आयुक्त ग्राम्य विकास श्री धीराज गर्ब्याल को प्रत्येक जिले के हर संभव स्थान पर आउटलेट खोले जाने हेतु परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी बहनों को वचन देता हूं कि उनकी हर संभव मदद की जायेगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल विधायक श्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्री विश्वास डाबर, श्री जोत सिंह बिष्ट, आयुक्त ग्राम्य विकास श्री धीराज गर्ब्याल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदार घाटी में मौसम साफ होने के बाद श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। जहां पिछले दिनों बरसात कम होने के बाद चार से पांच हजार यात्री ही बाबा केदार के दर्शनों को पहुंच रहे थे अब पिछले दो दिनों से लगातार 11 हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन दर्शनों को पहुंच रहे हैं। मंगलवार शाम को दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 11 लाख 83 हजार 370 पहुंच गई है।

मानसून सीजन समाप्ति की ओर है, पिछले एक सप्ताह से मौसम साफ होने के साथ ही श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने भी तेज गति पकड़ ली है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष करीब 19 लाख लोगों अकेले बाबा केदार के दर्शन किए थे जबकि चारधाम यात्रा करने वालों की कुल संख्या 56 लाख के करीब थी। इस वर्ष 31 जुलाई को केदार घाटी में हुई अतिवृष्टि के कारण कई स्थानों पर सड़क एवं पैदल मार्ग बाधित हो गया था। जिसके चलते कारीब यात्रा प्रभावित रही।

हालांकि यात्रा मार्ग सुचारू करने एवं स्थानीय लोगों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन एवं नेतृत्व में युद्ध स्तर पर राज्य एवं जिला प्रशासन की मशीनरी ने 15 दिनों में ही पैदल यात्रा मार्ग पर आवाजाही शुरू कर दी थी, जबकि एक महीने में यात्रा पटरी पर लौट आई थी। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में गढ़वाल कमिश्नर, आपदा सचिव सहित संबधित सभी विभाग यात्रा सुचारू करने को प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे थे। भारी बारिश के बावजूद जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के प्रयासों से रिकॉर्ड समय में सभी यात्रियों को रेस्क्यू करने के साथ ही यात्रा दोबारा सुचारू कर दी गई है।

यात्रा मार्ग एवं व्यापार समय पर शुरू करवाने के लिए केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का धन्यवाद देते हुए कहा कि धामी जी द्वारा यात्रा का दूसरा चरण शुरू करने एवं व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी को निशुल्क हेली सेवा देकर केदारनाथ पहुंचाने का प्रयास बेहद सराहनीय था। इससे समय पर यात्रा शुरू होने के साथ यात्रियों को उचित सुविधाएं भी मिल सकी। यात्रा बढ़ने से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर होटल, डंडी-कंडी, घोड़े-खच्चर सहित अन्य रूप में सेवाएं देने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ गई है एवं व्यापार में भी इजाफा होने लगा है।

 

टिहरी गढ़वाल

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की भिलंगना घाटी में पहाड़ के गांधी हिमालय गौरव इंद्रमणि बडोनी जी द्वारा प्रवर्तित ऐतिहासिक खतलिंग महायात्रा की समाप्ति पर आयोजित किया गया। 14 सितम्बर से 18 सितम्बर 2024 को भगवती जगदंबा और सोमेश्वर देवता की डोलियों के साथ खतलिंग महादेव दर्शन यात्रा समिति के नेतृत्व में भिलंग के गांवों और गंगी गांव के श्रद्धालुओं सहित देशभर से पहुंचे डेढ़ सौ से अधिक श्रद्धालु खतलिंग महायात्रा में सम्मिलित हुए। यात्रा की पूर्णता के उपरांत 19 सितम्बर 2024को श्री नवजीवन आश्रम इंटर कॉलेज घुत्तू में पर्वतीय लोकविकास समिति और भिलंगना क्षेत्र विकास समिति द्वारा स्थानीय समितियों के सहयोग से 40 वां खतलिंग हिमालय जागरण महोत्सव आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड के प्रांत कार्यवाह श्री दिनेश सेमवाल थे और समारोह की अध्यक्षता शीर्ष समाजसेवी,पर्वतीय लोकविकास समिति के संरक्षक और भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के कार्यसमिति सदस्य श्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल ने की।

समारोह में विषय प्रवर्तन करते हुए पर्वतीय लोकविकास समिति के अध्यक्ष और खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा के संयोजक प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि स्थानीय समिति द्वारा इस वर्ष की महायात्रा के आयोजन के उपरांत यह 40 वां ऐतिहासिक खतलिंग महायात्रा महोत्सव स्वर्गीय बडोनी जी के पांचवां धाम खतलिंग के विचार दर्शन और विज़न को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है। वर्ष 2015 से दिल्ली से खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा को संचालित करना भिलंगना घाटी के युवाओं और मातृशक्ति को जागृत करने का एक प्रयास था,जो इस वर्ष सफल सिद्ध हुआ है। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह श्री दिनेश सेमवाल ने कहा कि भिलंगना घाटी अध्यात्म के साथ प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त है और विराट व्यक्तित्व स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की कर्मभूमि है। खतलिंग जैसे पावन सिद्धपीठ और इस दुर्गम स्थल को पांचवें धाम के रूप में मान्यता मिलनी ही चाहिए। समारोह की अध्यक्षता करते हुए शीर्ष समाजसेवी एवं भाजपा उत्तराखंड प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य श्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने कहा कि बाबा बूढ़ाकेदार से लेकर खतलिंग क्षेत्र पांचवां धाम ही है और हम केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक के माध्यम से इसके विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। पर्वतीय लोकविकास समिति विगत 2 दशक से इन दुर्गम घाटियों के विकास और 10 वर्ष से दिल्ली से स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की खतलिंग यात्रा को चलाकर से स्थानीय जनता को जोड़ने के लिए जो प्रयास कर रही है,आज उसके अच्छे परिणाम प्रत्यक्ष दिख रहे हैं। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में इंद्रमणि बडोनी स्मृति साहित्य कला मंच के अध्यक्ष एडवोकेट लोकेंद्र जोशी,इंद्रमणि बडोनी जी के निकट सहयोगी और श्री नवजीवन आश्रम इंटर कॉलेज,घुत्तू के पूर्व प्रधानाचार्य श्री बालकृष्ण नौटियाल,पूर्व प्रधानाचार्य श्री भरत सिंह नेगी और श्री बचल सिंह रावत समारोह में मौजूद रहे तो विशिष्ट अतिथि रूप में व्यापार मंडल घुत्तू के अध्यक्ष विजय उनियाल और गंगी के पूर्व ग्राम प्रधान श्री नयन सिंह राणा। सारथी संगठन के सहयोग से आयोजित अंतर्विद्यालय प्रतियोगिताओं में निबंध,पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिता के प्रथम,द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विभिन्न स्कूल के छात्रों को नकद पुरस्कार,प्रतीक चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने जीतू बगड़वाल,माधो सिंह भंडारी,सोमेश्वर देवता और बोल्या राजा पर केंद्रित शानदार नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत की। इनको भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.चंदन सिंह चौहान,जनता हाईस्कूल बुगीलाधार के प्रधानाचार्य श्री के.एन.सेमल्टी,वरिष्ठ पत्रकार श्री तेजराम सेमवाल,पूर्व सैनिक श्री कमल सिंह रौथान, डॉ. विनोद उनियाल,समाजसेवी श्री अव्वल सिंह भंडारी,शिक्षक और कथाव्यास श्री गिरिजानंद भट्ट,सामाजिक कार्यकर्ता श्री समन सिंह धनाई,शिक्षक श्री विनोद लाल शाह,वरिष्ठ नेता श्री गोविंद राम बडोनी,चर्चित पत्रकार शैलेन्द्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता श्री सोहन लाल रतूड़ी,पत्रकार पंकज भट्ट,जिला पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता श्री भजन रावत और शिक्षक श्री कुलदीप फोंदणी को हिमालय गौरव इंद्रमणि बडोनी सेवा सम्मान प्रदान किया गया। पर्वतीय लोकविकास समिति के राष्ट्रीय सांस्कृतिक सचिव कवि वीर सिंह राणा और राइजिंग सन पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री राजेंद्र सिंह चौहान ने समारोह का संचालन किया और भिलंगना क्षेत्र विकास समिति के महासचिव श्री शिव सिंह राणा एवं पर्वतीय लोकविकास समिति की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष श्री बद्री सिंह रौथान ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत किया।