देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज करते हुए सोमवार को मंत्री के बयान दर्ज किए। मामले से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी SIT ने विधिवत प्राप्त कर ली है। अब रिकॉर्डिंग को तकनीकी परीक्षण और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग की भूमिका अहम मानी जा रही है।
देहरादून पुलिस के मुताबिक कोतवाली कैंट में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 158/2026 मामले में गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज है।
मंत्री के बयान दर्ज, ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच के दायरे में
SIT ने मामले की विवेचना के तहत रेखा आर्या के बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही प्रकरण से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग को विधिवत अपने कब्जे में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजकर उसका परीक्षण कराया जाएगा, ताकि जांच में आवश्यक तथ्यों का सत्यापन किया जा सके। ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्या बातचीत है, उसकी प्रामाणिकता को लेकर क्या निष्कर्ष निकलते हैं और मामले की विवेचना में उसकी क्या भूमिका होगी, इस पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो सकती है।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मुकदमे में भारतीय दंड विधान की धारा 323, 504, 506, 495, 498(ए), 420, 467, 468, 471 और 120(बी) के साथ एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2) भी शामिल हैं। इन धाराओं के तहत दर्ज मामले की जांच SIT कर रही है।
अब फॉरेंसिक रिपोर्ट पर नजर
मंत्री के बयान दर्ज होने और ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त किए जाने के बाद अब जांच की अगली कड़ी फॉरेंसिक परीक्षण और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण से जुड़ी है। SIT जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस की ओर से बयान दर्ज करने और ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त करने की पुष्टि की गई है। मामले में आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्षों और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।