उत्तरांचल विश्वविद्यालय में 400 यूनिट रक्तदान, मानव सेवा का दिया संदेश

– राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर लगा भव्य रक्तदान शिविर

देहरादून। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तरांचल विश्वविद्यालय में मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल देखने को मिली। विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से उत्तरांचल हॉस्पिटल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 400 यूनिट रक्त का संग्रहण किया। शिविर ने स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का प्रभावी संदेश दिया।

रक्तदान शिविर का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि एवं उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने किया। विश्वविद्यालय के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि ने कहा, “रक्तदान मानवता की एक महान सेवा है। रक्त की एक इकाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदायिनी बन सकती है। आइए, हम आगे बढ़ें और देने की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।” शिविर में सिटी ब्लड सेंटर, दून हॉस्पिटल ब्लड सेंटर, सुभारती ब्लड सेंटर एवं देवभूमि ब्लड सेंटर ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। चारों ब्लड सेंटरों के समन्वित प्रयास और विश्वविद्यालय परिवार की उत्साहपूर्ण भागीदारी से 400 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों का रक्तदान के लिए आगे आना शिविर का प्रमुख आकर्षण रहा। रक्तदान शिविर के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। आयोजन ने युवा पीढ़ी को यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में उनका छोटा-सा योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है।

शिविर का समन्वय प्रो. वी. के. श्रीवास्तव, कैंपस निदेशक डॉ. अमित भट्ट एवं डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने किया। विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

“मैं नहीं, आप” की भावना को किया साकार

राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर आयोजित यह रक्तदान शिविर केवल रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मानवता, करुणा, नागरिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सेवा की भावना को मजबूत करने का काम किया। 400 यूनिट रक्त का संग्रहण जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।

उत्तरांचल विश्वविद्यालय की यह पहल राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल मंत्र “मैं नहीं, आप” को वास्तविक अर्थों में साकार करती नजर आई। विश्वविद्यालय परिवार ने सामूहिक सहभागिता के माध्यम से यह संदेश दिया कि स्वैच्छिक रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का मानवीय संकल्प भी है।

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