हरिद्वार। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चल रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। हरिद्वार में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित तौर पर नशीले सिरप का अवैध कारोबार करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। संयुक्त कार्रवाई में उसके ठिकानों से 200 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद किया गया है। मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
एसटीएफ, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि सराय गांव स्थित एक मेडिकल स्टोर का संचालक अपने घर और अन्य स्थानों पर बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप छिपाकर रखे हुए है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने देर शाम आरोपी के घर, फ्लैट और उसकी कार पर एक साथ छापेमारी की।तलाशी के दौरान दो पेटियों में रखी 200 बोतल नशीला कोडीन सिरप बरामद हुआ। पुलिस ने जब इन दवाओं के खरीद, बिक्री और भंडारण से जुड़े दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे के आदी लोगों को यह सिरप फुटकर में बेचता था। जांच के दौरान पुलिस को इस अवैध कारोबार से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एसटीएफ अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 वर्षीय आकाश छाबड़ा, निवासी आर्य नगर, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद 200 बोतल कोडीन युक्त सिरप के साथ उसकी वैगनआर कार भी जब्त कर ली है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत प्रदेशभर में नशा तस्करों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।