पहाड़ की चोटी पर शिव का धाम… जहां पहुंचकर ठहर जाता है मन

– मटोगी का ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर बना आस्था और सुकून का ठिकाना

देहरादून। पहाड़ की ऊंची चोटी… चारों ओर हरियाली… बादलों से अठखेलियां करता आसमान… और दूर तक नजर आती पछवादून की वादियां। इसी शांत माहौल में जब मंदिर की घंटियां गूंजती हैं तो मन खुद-ब-खुद अध्यात्म की ओर खिंच जाता है।

यह नजारा है विकासनगर ब्लॉक के मटोगी गांव स्थित ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर का। पहाड़ की ऊंचाई पर बसे इस मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है। भगवान शिव की आराधना के साथ यहां लोग प्रकृति की शांति में कुछ पल बिताने, योग करने और ध्यान लगाने भी पहुंच रहे हैं। ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर का नाम ही इसकी खासियत बताता है। यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालु शांत वातावरण में योग और मेडिटेशन करते हैं। शहर की भागदौड़ से दूर पहाड़ों के बीच ध्यान के कुछ पल लोगों को सुकून का एहसास कराते हैं। मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिमा का स्वरूप और आकार नेपाल के काठमांडू स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ क्षेत्र में स्थापित शिव प्रतिमा से प्रेरित है।

नौ शिवलिंग, एक साथ दर्शन

मंदिर परिसर में स्थापित नौ शिवलिंगों का समूह भी यहां की विशेष पहचान है। श्रद्धालु एक साथ सभी शिवलिंगों के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। मटोगी के अलावा लांघा, पास्टा, पिपलसार, खुलेत और मदरसू क्षेत्र के लोगों की भी मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। सावन में यहां शिवभक्तों की आवाजाही और बढ़ जाती है।

चोटी से दिखता है पछवादून का विहंगम नजारा

ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर की पहचान सिर्फ धार्मिक स्थल के रूप में नहीं है। इसकी ऊंचाई और प्राकृतिक स्थिति इसे खास बनाती है। मसूरी के भादराज मंदिर के पीछे ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर से पछवादून का विस्तृत नजारा दिखाई देता है। दूर तक फैली पहाड़ी ढलानें, घने जंगल, हरियाली और बदलते मौसम के साथ रंग बदलता आसमान यहां आने वालों को देर तक रोक लेता है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं के साथ प्रकृति प्रेमियों की दिलचस्पी भी इस स्थान के प्रति बढ़ रही है।

‘यहां की आबोहवा अलग ऊर्जा देती है’

देहरादून निवासी माधुरी बताती हैं, “मटोगी गांव स्थित ध्यान धारेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद यहां की आबोहवा और सकारात्मक वातावरण मन को अलग तरह की ऊर्जा देता है। योग और मेडिटेशन के लिए यह बेहद शांत और उपयुक्त स्थान है।”

माधुरी का अनुभव बताता है कि लोग अब धार्मिक स्थलों पर सिर्फ दर्शन तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे ऐसे स्थान भी तलाश रहे हैं, जहां प्रकृति के बीच कुछ पल बैठकर खुद से जुड़ सकें।

ध्यान धारेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने का सफर भी अपने आप में खास है। जैसे-जैसे रास्ता पहाड़ की ऊंचाई की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे शहर का शोर पीछे छूटता जाता है। पहाड़ों की खामोशी और प्रकृति की नजदीकी मन को सहज ही शांत करने लगती है। मंदिर पहुंचने पर सामने भगवान शिव की विशाल प्रतिमा, चारों ओर पसरा प्राकृतिक सौंदर्य और दूर तक फैली पहाड़ों की श्रृंखलाएं इस अनुभव को और खास बना देती हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *