आर्चरी चैंपियनशिप में एसबीपीएस के तीरंदाजों का दबदबा, जीते 27 मेडल

सीबीएसई नॉर्थ जोन-1 आर्चरी चैंपियनशिप
– 13 गोल्ड, 6 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लहराया परचम

देहरादून। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) के तीरंदाजों ने नॉर्थ जोन-1 आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 27 मेडल जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में स्कूल के तीरंदाजों ने 13 गोल्ड, 6 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीते। स्कूल के 12 तीरंदाजों का चयन सीबीएसई नेशनल के लिए हुआ है।

बलूनी ग्रुप के एमडी विपिन बलूनी ने छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर खुशी जताई और विजेताओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सीबीएसई नेशनल में भी पदक विजेताओं का प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा। सीबीएसई नार्थ जोन-1 चैंपियनशिप का आयोजन बलूनी पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में किया गया था।  स्कूल के आर्चरी कोच कुलदीप बिष्ट ने बताया कि स्कूल की तीरंदाज अगरिया वर्मा, सुनिधि राजपूत, राजवीर चौहान, शुभ भंडारी, आशुतोष बर्थवाल, कबीर सिंह, प्रद्युमन चौहान, अक्षत नारायण, आरव रावत, अमाल्या पठानिया, सनाया भंडारी, वेदांत त्रिपाठी का चयन सीबीएसई नेशनल के लिए हो गया है। प्रतियोगिता के अंडर-19 वर्ग में अगरिया वर्मा और सुनिधि राजपूत ने एकल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। सुनिधि राजपूत व अग्रिया वर्मा की जोड़ी ने अंडर-19 मिक्स टीम गोल्ड मेडल जीता। अंडर-17 वर्ग में राजवीर चौहान ने व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीता। अंडर-19 में शुभ भंडारी ने व्यक्तिगत रजत पदक व आशुतोष बर्थवाल ने व्यक्तिगत कांस्य पदक हासिल किया।
अंडर-19 बालक में शुभ भंडारी, आशुतोष बर्थवाल, शौर्य शर्मा और आर्यन भट्ट ने टीम गोल्ड जीता। इसके अलावा अंडर-17 बालक कबीर सिंह, प्रद्युम्न चौहान, अक्षत नारायण, और आरव रावत ने टीम गोल्ड मेडल पर निशाना साधा। अंडर-17 बालिका टीम में अमल्या पठानिया, एलेना बिष्ट और अनंदिता रणकोटी, रिजवी ने सिल्वर मेडल हासिल किया।
अंडर-17 मिक्स टीम में कबीर सिंह व अमल्या पठानिया ने ब्रांज मेडल तो अंडर-14 बालिका वर्ग में सनाया भंडारी ने व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। अंडर-14 बालक वर्ग में वेदांत त्रिपाठी, विहान धीमान, ओजस भंडारी ने ब्रांज मेडल तो अंडर-14 मिक्स सनाया भंडारी और वेदांत त्रिपाठी ने गोल्ड मेडल जीता।
स्कूल के प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और आर्चरी कोच कुलदीप बिष्ट के मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हुई है।

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